अवैध प्लाटिंग पर कड़ा प्रहार—लापरवाहों की खैर नहीं, डिप्टी सीएम का सख्त अल्टीमेटम
सिस्टम को सीधी चेतावनी—अवैध निर्माण रोको, नहीं तो कार्रवाई तय”

बिलासपुर/रायपुर…प्रदेश के नगरीय निकायों की कार्यप्रणाली को पटरी पर लाने के लिए समीक्षा का दबाव दूसरे दिन और तेज दिखा। सिविल लाइन स्थित सर्किट हाउस में हुई बैठक में उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने नगर पंचायतों के कामकाज की बारीकी से समीक्षा करते हुए साफ कर दिया कि अब ढिलाई नहीं चलेगी। बेतरतीब निर्माण, अवैध प्लाटिंग और अतिक्रमण पर सख्त रोक लगाने के निर्देश दिए गए और कहा गया कि जिम्मेदारी तय होगी, लापरवाही पर कार्रवाई भी तय है।
नई सोच, नई कार्यशैली”—दिखना चाहिए
बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट संदेश मिला कि पारंपरिक ढर्रे से बाहर निकलकर काम करना होगा। शहरों को सुनियोजित, स्वच्छ और सुविधायुक्त बनाने के लिए नई कार्यशैली अपनाने पर जोर दिया गया। क्षेत्रीय संयुक्त संचालकों को हर तिमाही में निकायों का निरीक्षण कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए, ताकि निगरानी केवल कागजों तक सीमित न रहे।
राजस्व और जवाबदेही—31 मई की डेडलाइन
नई संपत्तियों पर करारोपण का काम 31 मई तक पूरा करने का अल्टीमेटम दिया गया। संपत्ति कर, जल कर और यूजर चार्ज की वसूली में ढिलाई पर सख्ती बरतने को कहा गया। साथ ही गैर-जरूरी बिजली कनेक्शनों की पहचान कर उन्हें हटाने और कर्मचारियों का वेतन व बिजली बिल समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
गर्मी और जल संकट— जनभागीदारी पर जोर
भीषण गर्मी को देखते हुए जल प्रबंधन को प्राथमिकता में रखा गया। रेन वाटर हार्वेस्टिंग को अनिवार्य बनाने, तालाबों के संरक्षण और जल आपूर्ति व्यवस्था को अगले दस साल की जरूरतों के हिसाब से तैयार करने के निर्देश दिए गए। पाइपलाइन लीकेज दुरुस्त करने और हर घर तक सुरक्षित पेयजल पहुंचाने पर भी जोर दिया गया।
बरसात से पहले सफाई—जलभराव पर फोकस
नालों-नालियों और ड्रेनेज की सफाई 31 मई तक पूरी करने को कहा गया, ताकि बारिश में जलभराव की समस्या से बचा जा सके। सीएमओ को मुख्यालय में रहकर रोज सुबह भ्रमण करने और खुद शहर की स्थिति देखने के निर्देश दिए गए। इसमें लापरवाही पर नाराजगी भी जाहिर की गई।
आवास, खेल मैदान और बुनियादी सुविधाएं
प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 के तहत स्वीकृत मकानों का निर्माण एक साल के भीतर पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया। आवास स्वीकृति के एक सप्ताह के भीतर भवन अनुमति जारी करने के निर्देश दिए गए। बच्चों के लिए खेल मैदान और उद्यान विकसित करने पर भी जोर दिया गया।
सुशासन तिहार की तैयारी—शहरों में असर
1 मई से शुरू होने वाले सुशासन तिहार को लेकर भी तैयारियां सुनिश्चित करने को कहा गया, ताकि शहरों में भी लोगों को योजनाओं का सीधा लाभ मिल सके।
अब काम दिखना चाहिए
पूरी बैठक का सार यही रहा कि योजनाएं, बजट और निर्देश सब मौजूद हैं—अब जरूरत है जमीन पर असर दिखाने की। उप मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कर दिया कि काम में ढिलाई अब सीधे कार्रवाई तक पहुंचेगी।





