EPFO reserve fund/EPFO अकाउंट होल्डर्स के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। हाल के दिनों में बैंकिंग फ्रॉड्स के साथ-साथ EPFO फ्रॉड्स के मामलों में भारी इजाफा हुआ है, जिससे लाखों कर्मचारियों की मेहनत की कमाई खतरे में पड़ रही है।

 EPFO (Employees’ Provident Fund Organisation) मेंबर्स की सुरक्षा और स्थिर ब्याज सुनिश्चित करने के लिए सरकार अब ‘ब्याज स्थिरीकरण रिजर्व फंड’ बनाने की तैयारी कर रही है। इस नए कदम का उद्देश्य 6.5 करोड़ से अधिक EPFO मेंबर्स को प्रोविडेंट फंड पर स्थिर और सुनिश्चित रिटर्न देना है।

EPFO में ‘ब्याज स्थिरीकरण रिजर्व फंड’ क्यों जरूरी?
मौजूदा समय में EPFO अपने मेंबर्स को उनके निवेश पर हर साल ब्याज देता है, जो कि बाजार के उतार-चढ़ाव पर निर्भर करता है। श्रम और रोजगार मंत्रालय द्वारा की जा रही एक स्टडी के मुताबिक, यह नया रिजर्व फंड EPFO मेंबर्स को बाजार में होने वाले झटकों से बचाने का काम करेगा। EPFO के निवेश पर रिटर्न घटने की स्थिति में इस फंड का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे PF होल्डर्स को तय ब्याज दर मिल सके और उनका पैसा पूरी तरह सुरक्षित रहे।

इस योजना के तहत EPFO हर साल ब्याज से होने वाली कमाई का एक हिस्सा अलग रखेगा, जिससे एक रिजर्व फंड बनाया जाएगा। जब भी EPFO के निवेश पर रिटर्न कम होगा, तब इस रिजर्व फंड का उपयोग किया जाएगा ताकि PF होल्डर्स को तय ब्याज मिलता रहे। इस तरह, EPFO मेंबर्स को हर साल स्थिर ब्याज दर मिलेगी, भले ही बाजार में कितना भी उतार-चढ़ाव हो।

फिलहाल EPFO का ब्याज स्थिरीकरण रिजर्व फंड शुरुआती चरण में है और इस साल के अंत तक इसे अंतिम रूप दिया जाएगा। अगर EPFO के सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज (CBT) से इस योजना को मंजूरी मिल जाती है, तो इसे 2026-27 से लागू किया जा सकता है। इससे लाखों EPFO मेंबर्स को मजबूत वित्तीय सुरक्षा मिलेगी और उन्हें हर साल निश्चित ब्याज दर प्राप्त होगी।

EPFO की ब्याज दरें हर साल बदलती रहती हैं। मौजूदा समय में साल 2023-24 के लिए EPFO की ब्याज दर 8.25% तय की गई है। इससे पहले मेंबर्स को 8.10% की ब्याज दर मिल रही थी।EPFO मेंबर्स के लिए यह नई योजना फायदे का सौदा साबित हो सकती है। ब्याज स्थिरीकरण रिजर्व फंड से उनका निवेश पूरी तरह सुरक्षित रहेगा, और PF अकाउंट होल्डर्स को हर साल एक स्थिर ब्याज दर प्राप्त होगी। वहीं, ATM से PF निकालने की सुविधा भी लाखों कर्मचारियों के लिए फायदेमंद साबित होगी। अब देखना यह होगा कि EPFO की सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज कब तक इस योजना को हरी झंडी देती है और इसे कब लागू किया जाता है।