बिलासपुर। छत्तीसगढ़ बिलासपुर तिफरा स्थित सीएसपीडीसीएल प्रोजेक्ट कार्यालय में ठेकेदारों ने बिल भुगतान में देरी और भुगतान प्रक्रिया को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं।

ठेकेदारों का आरोप है कि काम पूरा होने के बाद भी निर्धारित समय पर बिलों का भुगतान नहीं किया जाता, जिससे उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बिल पास कराने के एवज में पैसे की मांग किए जाने का सनसनीखेज आरोप लगाया गया है।

मीडिया रिपोर्ट अनुसार बिलासपुर के तिफरा स्थित सीएसपीडीसीएल के प्रोजेक्ट कार्यालय में ठेकेदारों को बिल भुगतान से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इन समस्याओं को लेकर ठेकेदारों ने कार्यपालन यंत्री को पत्र सौंपकर जल्द समाधान की मांग की है।

ठेकेदारों का आरोप है कि काम पूरा करने के बाद भी निर्धारित समय पर बिलों का भुगतान नहीं किया जाता, जिसके चलते उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

ठेकेदारों ने शिकायत में कहा है कि काम के आदेश में बिल का भुगतान एक महीने के भीतर किए जाने का प्रावधान है, लेकिन कई मामलों में समय पर भुगतान नहीं होता। इसके अलावा बिल पास कराने की प्रक्रिया को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। ठेकेदारों का आरोप है कि बिल पास करने के एवज में कथित तौर पर पैसे की मांग की जाती है और राशि नहीं देने पर बिल समय पर पास नहीं किया जाता। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है।

ठेकेदारों ने यह भी कहा है कि टेंडर जारी होने के बाद विभाग की ओर से सर्वे और अन्य जरूरी प्रक्रियाओं में देरी होती है, जिससे काम शुरू करने और समय पर पूरा करने में परेशानी आती है। एसडी के भुगतान से जुड़ी प्रक्रिया को लेकर भी उन्होंने समय-सीमा तय करने की मांग की है।

ठेकेदारों का कहना है कि समय पर काम पूरा नहीं करने पर विभाग द्वारा पेनाल्टी काटी जाती है, लेकिन जब काम पूरा होने के बाद भुगतान में देरी होती है तो इसकी जवाबदेही भी तय होनी चाहिए।

उन्होंने मांग की है कि बिल लगाने से पहले आवश्यक फंड की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि भुगतान में अनावश्यक देरी न हो।