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CG NEWS:कर्मचारी संघ का हल्लाबोलः महिला कर्मचारियों को वर्ष में 7 दिवस का विशेष आकस्मिक अवकाश सहित अन्य मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन

CG NEWS:जांजगीर/सरगुजा: “देश के हित में करेंगे काम, काम के लेंगे पूरे दाम” की कार्यशैली और उद्देश्यों के तहत सरकारी कर्मचारी राष्ट्रीय परिसंघ के तत्वावधान में राष्ट्रीय राज्य कर्मचारी महासंघ के आह्वान पर 17 जून को लिए गए निर्णय के अनुरूप, छत्तीसगढ़ राज्य कर्मचारी संघ ने 3 जुलाई  को देशव्यापी आंदोलन के तहत प्रदेश के विभिन्न जिलों में मांग पूर्ति के लिए ज्ञापन सौंपा जांजगीर-चांपा जिले में कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम दिए गए ज्ञापन सौंपा।

इस विषय पर जानकारी देते हुए राज्य कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष अरुण तिवारी ने बताया कि उनकी चार प्रमुख मांगें है।श्री तिवारी ने बताया कि पहली मांग है कि केन्द्र के समान माह जनवरी 2025 से 2 प्रतिशत मंहगाई भत्ता एरियर राशि सहित दिया जाए । मध्यप्रदेश के भांति महिला कर्मचारियों को वर्ष में 7 दिवस का विशेष आकस्मिक अवकाश दिया जाए, प्रदेश के कर्मचारियों को न्यायालयीन प्रकरण के निराकरण हेतु प्रशासनिक न्याधीकरण (सेट) की स्थापना रायपुर में की जाए, प्रदेश के समस्त कर्मचारियों को केशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ दिया जाए ।

प्रदेश अध्यक्ष अरुण तिवारी ने महिला कर्मचारियों के लिए 7 दिन के विशेष आकस्मिक अवकाश की मांग पर जोर देते हुए कहा कि मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के विभाजन के बाद दोनों राज्यों ने स्वतंत्र नीतियां बनाई हैं, अब छत्तीसगढ़ सरकार को इस प्रगतिशील नियम राज्य में लागू करना चाहिए। मध्यप्रदेश में लागू यह अवकाश नीति छत्तीसगढ़ की महिलाओं के स्वास्थ्य, पारिवारिक जिम्मेदारियों और अप्रत्याशित परिस्थितियों के लचीलापन के लिए जरूरी है, जिससे कार्य-जीवन संतुलन और लैंगिक समानता को बढ़ावा मिलेगा। छत्तीसगढ़ में भी इस नीति को अपनाने से महिला कर्मचारियों का सशक्तिकरण होगा और सामाजिक प्रगति को बल मिलेगा।

अंबिकापुर में ज्ञापन सौंपने के बाद सरगुजा संभागीय अध्यक्ष मो. सऊद अंसारी ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से महंगाई भत्ता लागू करने की तारीख से ही राज्य सरकार को भी इसे लागू करने की परंपरा खत्म हो रही है। जैसा कि रमन सरकार के कार्यकाल में थी। वर्तमान सरकार को भी फिर से इस क्रम को अपनाना चाहिए।

सूरजपुर जिला अध्यक्ष निर्मल भट्टाचार्य ने जिला कलेक्टर एस जयवर्धने को ज्ञापन सौंपा और बताया कि केंद्रित नेतृत्व के निर्देशानुसार उनके जिले में भी चार सूत्रीय मांगों के लिए ज्ञापन सौंपा गया। उन्होंने कहा कि कर्मचारी पूर्ण निष्ठा से काम करते हैं, लेकिन उन्हें उनके काम का पूरा दाम नहीं मिल रहा। उन्होंने छत्तीसगढ़ सरकार से व्यापक स्वास्थ्य बीमा योजना लागू करने की मांग की है जो कर्मचारियों और उनके परिवारों को गंभीर बीमारियों, अस्पताल में भर्ती होने और नियमित स्वास्थ्य जांच जैसी सुविधाएं प्रदान करेगी। इससे आर्थिक बोझ कम होगा और कर्मचारियों की कार्यक्षमता व मनोबल में वृद्धि होगी। उन्होंने बताया कि कई भाजपा शासित राज्यों में ऐसी योजनाएं पहले से लागू हैं।

राष्ट्रीय राज्य कर्मचारी महासंघ के आह्वान हुए इस चार सूत्रीय मांगों पर सरकार का ध्यान आकर्षण करने को लेकर दिए गए ज्ञापन के बाद राज्य कर्मचारी संघ ने आशा व्यक्त की कि सरकार उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई कर कर्मचारियों को लाभ प्रदान करेगी।

Chief Editor

छत्तीसगढ़ के ऐसे पत्रकार, जिन्होने पत्रकारिता के सभी क्षेत्रों में काम किया 1984 में ग्रामीण क्षेत्र से संवाददाता के रूप में काम शुरू किया। 1986 में बिलासपुर के दैनिक लोकस्वर में उपसंपादक बन गए। 1987 से 2000 तक दिल्ली इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप के राष्ट्रीय अखबार जनसत्ता में बिलासपुर संभाग के संवाददाता के रूप में सेवाएं दीं। 1991 में नवभारत बिलासपुर में उपसंपादक बने और 2003 तक सेवाएं दी। इस दौरान राजनैतिक विश्लेषण के साथ ही कई चुनावों में समीक्षा की।1991 में आकाशवाणी बिलासपुर में एनाउँसर-कम्पियर के रूप में सेवाएं दी और 2002 में दूरदर्शन के लिए स्थानीय साहित्यकारों के विशेष इंटरव्यू तैयार किए ।1996 में बीबीसी को भी समाचार के रूप में सहयोग किया। 2003 में सहारा समय रायपुर में सीनियर रिपोर्टर बने। 2005 में दैनिक हरिभूमि बिलासपुर संस्करण के स्थानीय संपादक बने। 2009 से स्वतंत्र पत्रकार के रूप में बिलासपुर के स्थानीय न्यूज चैनल ग्रैण्ड के संपादक की जिम्मेदारी निभाते रहे । छत्तीसगढ़ और स्थानीय खबरों के लिए www.cgwall.com वेब पोर्टल शुरू किया। इस तरह अखबार, रेडियो , टीवी और अब वेबमीडिया में काम करते हुए मीडिया के सभी क्षेत्रों में अपनी अलग पहचान बनाई है।
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