Cg news।बिलासपुर। जिले में आयोजित ‘सेवा संकल्प’ अभियान के तहत दीप प्रज्वलन कार्यक्रम से दूरी बनाना शिक्षकों को भारी पड़ गया है। आयोजन स्थल ताला में केवल हाजिरी लगाकर नदारद रहने के आरोप में विकासखंड शिक्षा अधिकारी BEO ने 21 शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस थमा दिया है।

इस प्रशासनिक फरमान के सामने आते ही जिले भर के शिक्षक संघों का गुस्सा फूट पड़ा है। सीएसी संघ बिल्हा, छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन और सर्व शिक्षक संघ ने बीईओ के इस कदम को सीधे तौर पर शिक्षकों के मान-सम्मान पर हमला करार दिया है और खुली जंग का ऐलान कर दिया है।

मामले पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सर्व शिक्षक संघ के प्रदेश प्रमुख प्रदीप पाण्डेय ने कहा कि सेवा संकल्प जैसे कार्यक्रमों की मूल भावना स्वैच्छिक योगदान पर आधारित होती है।

बिना किसी पूर्व सूचना या शिक्षकों का पक्ष सुने सीधे नोटिस जारी कर देना अफसरों की अफसरशाही और तानाशाही मानसिकता का सबूत है। उन्होंने साफ लहजे में चेतावनी दी कि शिक्षकों के आत्मसम्मान से खिलवाड़ किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगा और संगठन इस अन्यायपूर्ण कदम के खिलाफ अंतिम दम तक लड़ाई लड़ेगा।

सीएसी संघ के ब्लॉक प्रमुख केशव वर्मा और सहायक शिक्षक फेडरेशन के जिलाध्यक्ष सुनील पाण्डेय ने साझा बयान जारी करते हुए अधिकारियों की मंशा पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि शिक्षक पहले से ही स्कूलों की पढ़ाई और विभागीय दायित्वों के भारी दबाव में काम कर रहे हैं।

ऐसे में बिना जमीनी स्थिति जाने एकतरफा कार्रवाई करना सरासर प्रताड़ना है। यदि किसी कार्यक्रम में उपस्थिति अनिवार्य नहीं थी, तो जबरन दबाव बनाना पूरी तरह गैर-कानूनी है।

शिक्षक संगठनों ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि स्कूलों में बिना किसी सरकारी बजट के शिक्षक अपनी जेब से प्रतियोगिताओं और दीपोत्सव का आयोजन सफलतापूर्वक करते आ रहे हैं।

इसके बावजूद जनपद पंचायत सीईओ और बीईओ दफ्तरों के भीतर होने वाले आयोजनों की कोई समीक्षा नहीं की जाती। संगठनों का सीधा आरोप है कि विभागीय अधिकारियों ने राजनीतिक रसूख और उच्च दबाव में आकर शिक्षकों को बलि का बकरा बनाया है।

आर-पार की लड़ाई का मूड बना चुके शिक्षक संघों ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास किया है कि प्रभावित 21 शिक्षकों में से कोई भी इस एकतरफा नोटिस का जवाब नहीं देगा। चेतावनी दी गई है कि यदि शिक्षकों को बेवजह परेशान करना बंद नहीं किया गया, तो आने वाले समय में प्रशासनिक अधिकारियों के सभी सरकारी कार्यक्रमों का पूर्ण बहिष्कार किया जाएगा।

शीघ्र ही शिक्षक संगठनों का एक प्रतिनिधिमंडल बिलासपुर कलेक्टर और जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) से मुलाकात कर संयुक्त ज्ञापन सौंपेगा, जिसमें बीईओ के नोटिसों को तत्काल निरस्त करने और निष्पक्ष जांच कराने की मांग रखी जाएगी।