Cg news।छत्तीसगढ़ शासन के लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने कांकेर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. राम चन्द्र ठाकुर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

यह कार्रवाई उच्च न्यायालय में लंबित एक प्रकरण में निर्धारित समय-सीमा के भीतर जवाब प्रस्तुत नहीं किए जाने और शासकीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही के मामले में की गई है।

मंत्रालय महानदी भवन से जारी आदेश के अनुसार, उच्च न्यायालय में विचाराधीन WPS No. 3865/2025, डॉ. लखन जुरी विरुद्ध छत्तीसगढ़ शासन मामले में डॉ. राम चन्द्र ठाकुर को प्रभारी अधिकारी नियुक्त किया गया था।

महाधिवक्ता कार्यालय, उच्च न्यायालय बिलासपुर और विभागीय स्तर से 16 सितंबर 2026 को पत्र जारी कर उन्हें 25 सितंबर से पहले जवाबदावा प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे।

शासन के अनुसार, निर्धारित समय-सीमा के भीतर न्यायालय में जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया। इसके चलते उच्च न्यायालय ने सचिव, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने और 3,000 रुपये जमा करने के निर्देश दिए।

शासन ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए माना कि जिम्मेदार पद पर रहते हुए न्यायालयीन प्रकरण में समय पर कार्रवाई नहीं करना कर्तव्य के प्रति उदासीनता और शासकीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही है।

आचरण नियमों के उल्लंघन का आरोप

जारी आदेश में कहा गया है कि डॉ. ठाकुर का उक्त कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम-3 के प्रावधानों के विपरीत है और इसे कदाचार की श्रेणी में माना गया है।

इसके आधार पर राज्य शासन ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 9(1)(क) के तहत प्रदत्त शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए उनके निलंबन का आदेश जारी किया है।

निलंबन अवधि के दौरान डॉ. राम चन्द्र ठाकुर का मुख्यालय कार्यालय संभागीय संयुक्त संचालक, स्वास्थ्य सेवाएं, संभाग-बस्तर निर्धारित किया गया है। आदेश के मुताबिक वे सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे।

निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।