बिलासपुर…सड़क दुर्घटना के बाद अक्सर सबसे बड़ी चुनौती होती है—वाहन में फंसे घायल तक समय रहते पहुंचना। कई बार अस्पताल की दूरी नहीं, बल्कि वाहन से बाहर निकालने में हुई देरी ही किसी की जिंदगी छीन लेती है। इसी चुनौती को ध्यान में रखते हुए बिलासपुर पुलिस ने एक ऐसी पहल शुरू की है, जो भविष्य में गंभीर सड़क हादसों में कई लोगों के लिए जीवनदायिनी साबित हो सकती है।

पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देश पर यातायात पुलिस ने शुक्रवार को जिले के पुलिस अधिकारियों, थाना प्रभारियों, हाईवे पेट्रोलिंग टीम और यातायात अमले को अत्याधुनिक बैटरी संचालित मोबाइल मल्टीपर्पस हाइड्रोलिक रेस्क्यू टूल्स के संचालन का विशेष प्रशिक्षण दिया। उद्देश्य स्पष्ट है—दुर्घटना के बाद वाहन में फंसे घायलों को बिना समय गंवाए सुरक्षित बाहर निकालना और उन्हें तत्काल उपचार उपलब्ध कराना।

प्रशिक्षण के दौरान पुलिसकर्मियों को कटर मशीन, स्प्रेडर, रेस्क्यू रैम सेट, स्ट्रॉन्ग आर्म, ग्लास मैनेजमेंट उपकरण सहित अन्य आधुनिक रेस्क्यू संसाधनों के संचालन और मानक प्रक्रिया एसओपी की जानकारी दी गई। डेमो के माध्यम से बताया गया कि दुर्घटना के बाद क्षतिग्रस्त वाहन को किस प्रकार सुरक्षित काटकर या खोलकर भीतर फंसे लोगों को कम से कम समय में बाहर निकाला जा सकता है।

यातायात पुलिस ने बताया कि जिले में हाईवे पेट्रोलिंग पहले से 24 घंटे सक्रिय है। अब इन अत्याधुनिक उपकरणों के साथ पेट्रोलिंग टीम दुर्घटना स्थल पर और अधिक प्रभावी ढंग से राहत एवं बचाव कार्य कर सकेगी। इससे दुर्घटना के बाद के ‘गोल्डन ऑवर’ का बेहतर उपयोग होगा और गंभीर रूप से घायल लोगों की जान बचाने की संभावना बढ़ेगी।

एसएसपी रजनेश सिंह ने कहा कि पुलिस की जिम्मेदारी केवल यातायात नियमों का पालन कराना नहीं, बल्कि दुर्घटना होने पर जीवन बचाने की हर संभव कोशिश करना भी है। उन्होंने कहा, “यदि आधुनिक संसाधनों और प्रशिक्षित पुलिसकर्मियों की बदौलत किसी एक घायल को भी समय पर सुरक्षित निकालकर नया जीवन दिया जा सके, तो यही इस पूरी व्यवस्था की सबसे बड़ी सफलता होगी।”

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात रामगोपाल करियारे के मार्गदर्शन में आयोजित इस प्रशिक्षण में जिले के सभी राजपत्रित पुलिस अधिकारी, थाना प्रभारी, हाईवे पेट्रोलिंग टीम और यातायात पुलिस के जवान शामिल हुए।

यातायात पुलिस ने नागरिकों से भी अपील की है कि जिले में कहीं भी सड़क दुर्घटना होने पर तत्काल पुलिस कंट्रोल रूम या नजदीकी थाने को सूचना दें, ताकि प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम आधुनिक उपकरणों के साथ मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू कर सके।