बिलासपुर।जिले में परीक्षा और शिक्षा व्यवस्था को व्यवस्थित संचालित करने के लिए छत्तीसगढ़ प्राचार्य मंच के संयोजक संजय शर्मा की अगुवाई में रामगोपाल साहू, राजेश शर्मा, सरिता यादव, आर के डहरिया, तोषण गुप्ता, डॉ मुकेश पांडेय, चिंताराम कश्यप, रामेश्वर गुप्ता के प्रतिनिधिमंडल ने जिला शिक्षा अधिकारी संदीप पांडे जी से बैठकर विस्तृत चर्चा किया, प्राचार्य मंच ने 19 बिंदुओं का मांगपत्र भी सौंपा।

चर्चा के दौरान प्राचार्य मंच ने स्पष्ट रूप से कहा की अर्धवार्षिक परीक्षा के लिए किसी भी स्कूल के शिक्षक को प्रश्न ब्लैक बोर्ड में लिखने की अवशयकता नहीं होना चाहिए।

इसकी व्यवस्था डीईओ कार्यालय बनाए साथ ही प्रश्न पत्र जिला शिक्षा कार्यालय द्वारा प्रिंट कराकर 100% गोपनीयता से, सुरक्षित ढंग से शालाओं को प्रदान किया जावे, इसमे विशेष सतर्कता रखते हुऎ कार्य करने का सुझाव दिया गया।

चर्चा में इस बात को विशेष रूप से रेखांकित किया गया की शाला या व्याख्याता, शिक्षको के शिकायत संबंधी जांच कुछ खास प्राचार्यों को ही दिया जा रहा है।

इसके पीछे करण क्या है और क्यों कई प्राचार्यों को जांच के अवसर से वंचित किया जा रहा है जबकि वर्तमान में 100 से अधिक नवीन पदोन्नत प्राचार्य को शालाओं में पोस्टिंग दिया गया हैं।

ज्ञात हो जांच साहित प्रश्नपत्र निर्माण, जिला की कार्ययोजना, विभागीय दायित्व का निर्वाहन, जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय द्वारा सौंपे जाने के कार्य पर लगातार कई प्राचार्य असमानता महसूस करते हुऎ अवगत कराए हैं इसी विषय को लेकर प्राचार्य मंच ने जिला शिक्षा अधिकारी के समक्ष विषय को रखा है।

हायर सेकेंडरी और हाई स्कूल के परिसर में पूर्व मध्यमिक और प्राथमिक शाला को मर्ज किया गया है जिनके रखराखाव की जिम्मेदारी एक ही परिसर होने के कारण प्राचार्य की हो गई है ऐसे में अनुदान मद तीनों स्कूल के बराबर प्राचार्य को दिया जाए या पूर्ववत प्राथमिक और मध्यमिक शाला को भी अनुदान देते हुऎ मरम्मत व रखराखाव की जिम्मेदारी दिया जावे।

जिला शिक्षा कार्यलय में प्राचार्य, शिक्षक एवं कर्मचारियों की समस्या का समयबद्ध समाधान आरक्षित समय निर्धारित करके किए जाने संबंधी विषय को रखा गया, ज्ञात हो प्राचार्यों का समयमान के साथ-साथ सेवा पुस्तिका अध्यतन, व्याख्याता, शिक्षकों और कर्मचारियों का विषय जिला शिक्षा कार्यलय में लंबे समय तक लंबित रहता है।

विशेष विषय पर चर्चा जिला शिक्षा कार्यालय अपने भीतर करें, कई बर कुछ प्राचार्य, शिक्षक और कर्मचारी जब जिला शिक्षा कार्यालय में आते हैं तो उनसे सम्मानजनक एवं संयमित व्यवहार कार्यालय के कर्मचारी नहीं करते हैं इससे शिक्षक व कर्मचारी उपेक्षा महसूस करते हैं, अतः कार्यालय के कर्मचारी संयम तो सम्मान ढंग से व्यवहार करें।

यह पक्ष भी चर्चा में शामिल किया गया कि जिला शिक्षा कार्यलय के कर्मचारी अपने स्कंध से किसी भी प्रकार की जानकारी निकालना नहीं चाहते, खोजना नहीं चाहते हैं, पूर्व में दिए गए छोटी सी जानकारी के लिए पत्र जारी कर देते हैं और एक ही जानकारी को समग्र शिक्षा, जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय और विकास खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय द्वारा प्राचार्यों से मांगा जाता है, यह आपसी तालमेल के अभाव में किया जाता है, सभी जानकारी के लिए एक केंद्रीय व्यवस्था बनाया जाए।

मल्हार स्कूल के संबंध में भी चर्चा किया गया जिसमें साफ-साफ कहा गया है की जरा सी शिकायत होने पर प्राचार्य पर सीधे कार्यवाही नहीं किया जावे बल्कि प्राचार्य के पक्ष को जांच में लेते हुए ही निर्णय किया जावे कई बार प्रायोजित ढंग से कार्य संपादित किया जाता है, इससे शाला संचालन में अनावश्यक व्यावधन उतपन्न होता है, बाहरी प्रायोजित तत्वों का प्रवेश अवांछनीय है।

जिला शिक्षा अधिकारी के द्वारा प्राचार्यों की जब मीटिंग ली जाती है तब डीईओ या प्राचार्य स्तर के अधिकारियों द्वारा ही मार्गदर्शन दिया जावे।

19 बिंदुओं के व्यवस्थागत सुझाव में प्रत्येक हायर सेकेंडरी, हाई स्कूल में ऑनलाइन और ऑफलाइन कार्य संपादन हेतु कंप्यूटर ऑपरेटर देने की व्यवस्था स्थानीय स्तर से बनाया जावे, सभी डीडीओ विद्यालय में सहायक ग्रेड 2 व 3 की पदस्थापना सूनिश्चित किया जावे, प्रत्येक हायर सेकेंडरी हाई स्कूल में व्यवस्था बनाते हुए प्यून अवश्य दिया जावे।

प्राचार्य एवं शिक्षकों को गैर शैक्षणिक कार्यों से मुक्त रखा जावे ताकि गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा छात्रों को मिल सके, वर्तमान में सभी कार्य ऑनलाइन नेट आधारित हो रहा है इसके लिए सभी स्कूल में वित्तीय सुविधा प्रधान किया जावे, बीईओ स्तर पर प्राचार्यों की मीटिंग न करते हुए संकुल समन्वयक की बैठक करते हुए जानकारी प्राप्त किया जावे।

माननीय कलेक्टर बिलासपुर व जिला शिक्षा अधिकारी को निम्न बिंदुओं पर शीघ्र पहल हेतु पत्र चर्चा कर सौंपा गया-

1- स्थानीय परीक्षा का बेहतर संचालन किया जावे, कोई भी परीक्षा में प्रश्न ब्लैक बोर्ड पर लिखने की प्रणाली बंद हो।

2- प्रश्न पत्र की गोपनीयता 100% सुनिश्चित हो, पूरे प्रश्नपत्र को जिला शिक्षा कार्यालय द्वारा प्रिंट कराकर शालाओं को प्रदान किया जावे।

3- शिकायतों की जांच पर कुछ खास प्राचार्य को चिन्हित कर जिम्मेदारी दिया जाता है, अतः सभी प्राचार्य को समान अवसर दिया जावे।

4- जिला शिक्षा कार्यालय बिलासपुर के सभी दायित्व में नवीन प्राचार्य को भी शामिल किया जावे।

5- हायर सेकेंडरी, हाई स्कूल के प्राचार्य को आर्थिक बोझ दिया गया है एक परिसर के पूर्व माध्यमिक व प्राथमिक शालाओं को सम्बद्ध किया गया है, जिनमें सभी शाला की सुरक्षा- संरक्षण व देखरेख प्राचार्य के द्वारा किया जा रहा है अतः प्राचार्य को सभी शाला हेतु वित्तीय व्यवस्था दिया जावे।

6- जिला शिक्षा कार्यालय के कंटीन्जेंसी मद प्रत्येक शालाओं को सही ढंग से वितरित किया जावे।

7- प्राचार्य की सेवा पुस्तिका का अध्ययन संधारण जिला शिक्षा कार्यालय में नियमित किया जावे।

8- जिला शिक्षा कार्यालय में प्राचार्य, शिक्षक व कर्मचारियों की समस्या समाधान हेतु एक दिवस आरक्षित किया जावे।

9- प्राचार्य व शाला कर्मचारियों के साथ कार्यालय में सम्मान व संयमित व्यवहार किया जावे।

10- जिला शिक्षा कार्यालय के कर्मचारी आपसी तालमेल रखें, एक ही जानकारी को 2 से 3 बार मांग न करें।

11- समस्त हायर सेकेंडरी व हाई स्कूल को डीडीओ अधिकार दिया जावे व प्राचार्य द्वारा संकुल के शिक्षको व कर्मचारियों के वेतन आहरण एवं संवितरण हेतु प्रस्ताव डीपीआई को भेजा जावे।

12- प्रत्येक हायर सेकंडरी व हाई स्कूल को कंप्यूटर ऑपरेटर देने की व्यवस्था बनाया जावे, ताकि उच्च कार्यालय को समयबद्ध जानकारी दिया जा सके।

13- समस्त DDO विद्यालय में लिपिक वर्गीय कर्मचारी सहायक ग्रेड 2 एवं सहायक ग्रेड 3 की पद स्थापना सुनिश्चित की जावे।

14- सभी हायर सेकेंडरी व हाई स्कूल को प्यून अवश्य दिया जावे एवं प्यून के रिक्त पदों की पूर्ति हेतु जिला स्तर पर व्यवस्था बनाया जावे।

15- जरा सी शिकायत होने पर प्राचार्य पर सीधे कार्रवाई न किया जावे बल्कि प्राचार्य के पक्ष को जांच में लेते हुए निर्णय लिया जावे।

16- प्राचार्य व शिक्षकों को गैर शैक्षणिक कार्यों से मुक्त रखा जावे ताकि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा छात्रों को मिले।

17- जिला स्तरीय शिक्षा विभाग की मीटिंग में मार्गदर्शन डीईओ या प्राचार्य रैंक के अधिकारियों का ही हो।

18- बीईओ विभागीय जानकारी, सूचना हेतु प्राचार्य की बैठक लेना बंद करें।

19- वर्तमान में सभी कार्य ऑनलाइन नेट आधारित हो रहा है इसके लिए सभी स्कूल में सुविधा प्रदान की जावे।