TET Exam: बिलासपुर। छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा ने प्रदेश भर के सहायक शिक्षक, शिक्षक, प्रधान पाठक की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए शिक्षक टेट परीक्षा को OMR ऑफलाइन मोड में लिए जाने हेतु मुख्यमंत्री, स्कूल शिक्षा मंत्री, शिक्षा सचिव व डीपीआई को पत्र लिखकर आग्रह किया है।

संजय शर्मा ने कहा, एक ओर अब तक छत्तीसगढ़ के युवा एवं बेरोजगारों के लिए ऑफलाइन ओएमआर शीट में टेट की परीक्षा लगातार लिया जा रहा है।

वहीं जब यह परीक्षा विशेष कर शासकीय शिक्षकों के सेवा सुरक्षा व पदोन्नति के लिए किया जा रहा है तब इसे CBT कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट लिए जाने से शिक्षकों को भारी समस्या का सामना करना पड़ेगा।

शिक्षक अधिक आयु वर्ग में पहुंच चुके हैं जिन्हें नौकरी प्राप्त करने के लिए नहीं बल्कि अपनी सेवा की सुरक्षा एवं पदोन्नति के लिए टेट परीक्षा उत्तीर्ण करने की बाध्यता है, ऐसे सभी शिक्षक कंप्यूटर ज्ञान से अनभिज्ञ है।

ग्रामीण क्षेत्रों में सेवा दे रहे हैं और ऑनलाइन परीक्षा देने का उनका अभ्यास नहीं है। लिहाजा शिक्षकों के लिए स्कूल शिक्षा विभाग OMR ऑफलाइन परीक्षा आयोजित की जाए।

छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा, प्रदेश संयोजक सुधीर प्रधान, वाजिद खान, प्रदेश उपाध्यक्ष देवनाथ साहु, प्रवीण श्रीवास्तव, शैलेंद्र यदु, संजय उपाध्याय, मुकेश मुदलियार, डॉक्टर कोमल वैष्णव, प्रदेश सचिव मनोज सनाढ्य, प्रदेश कोषाध्यक्ष शैलेंद्र पारीक ने कहा है कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा सेवारत गैर-TET शासकीय शिक्षकों के लिए विभागीय TET परीक्षा आयोजित करने का जो निर्णय लिया गया है, उसका छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन स्वागत करता है। TET परीक्षा अब तक युवाओ के लिए सामान्यतः OMR ऑफलाइन मोड़ में ही आयोजित हुआ है, अब यह परीक्षा शासकीय शिक्षको के लिए विशेषतः आयोजित हो रहा है और शासकीय शिक्षक अधिक आयु वर्ग के कारण कम्प्यूटर व ऑनलाइन कार्य मे निपुण नही है।

छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन ने मांग किया है कि सेवारत शिक्षकों के हित, सुविधा एवं मानसिक तनाव को देखते हुए विभागीय TET परीक्षा को CBT मोड के स्थान पर पारंपरिक OMR शीट आधारित ऑफलाइन मोड में ही आयोजित करने का संशोधित आदेश प्रसारित किया जाए।

शासन द्वारा उक्त परीक्षा निजी तकनीकी सेवा प्रदाता के माध्यम से कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) पद्धति से कराने का आदेश जारी किया गया है, जिस पर एसोसिएशन निम्न बिंदुओं पर पुनर्विचार का आग्रह करता है –

ग्रामीण शिक्षकों को तकनीकी कठिनाई – प्रदेश के सुदूर वनांचल, बस्तर, सरगुजा एवं मैदानी ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत हजारों शिक्षक कंप्यूटर संचालन में दक्ष नहीं हैं। CBT में माउस क्लिक, स्क्रीन टाइमर आदि से मनोवैज्ञानिक दबाव बढ़ेगा।

OMR सर्वमान्य व पारदर्शी पद्धति – पूर्व में व्यापमं एवं छ.ग. व्यवसायिक परीक्षा मंडल द्वारा समस्त पात्रता परीक्षाएँ OMR शीट से ही सफलतापूर्वक संचालित की गई हैं, जो अधिक विश्वसनीय है।

तकनीकी अव्यवस्था की आशंका – CBT में सर्वर डाउन, बिजली, सिस्टम हैंग जैसी समस्याएँ आम हैं, जिससे शिक्षकों का भविष्य प्रभावित हो सकता है।