Cg news।रायपुर: भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ, छत्तीसगढ़ प्रदेश के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार ,मंत्रालय पहुंचकर प्रदेश के मुख्य सचिव विकास शील से सौजन्य भेंट की।

Cg news।इस दौरान पेंशनरों से जुड़े 11 प्रमुख और लंबे समय से लंबित विषयों पर मुख्य सचिव के साथ करीब एक घंटे तक सकारात्मक और विस्तृत चर्चा हुई। महासंघ ने प्रत्येक मुद्दे पर अलग-अलग ज्ञापन सौंपते हुए राज्य सरकार से इनके त्वरित समाधान की पुरजोर मांग की है।

मुलाकात के दौरान महासंघ के प्रांताध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव ने मुख्य सचिव को विस्तार से बताया कि पेंशनरों के ये 11 विषय वर्षों से फाइलों में दबे हुए हैं, जिनके निराकरण से प्रदेश के लाखों बुजुर्गों और उनके परिवारों को सीधा और बड़ा आर्थिक लाभ मिलेगा।

मुख्य सचिव ने महासंघ की सभी मांगों को बेहद गंभीरता से सुना और संबंधित विभागों के माध्यम से इन पर तत्काल आवश्यक परीक्षण करवाकर त्वरित कार्यवाही करने का ठोस आश्वासन दिया है।

महासंघ द्वारा मुख्य सचिव के समक्ष रखी गई प्रमुख मांगें:

  • धारा 49(6) पर संकल्प: मध्य प्रदेश राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 2000 की धारा 49(6) को विलोपित (हटाने) करने के लिए विधानसभा में शासकीय संकल्प पारित किया जाए।
  • पेंशनर कल्याण मंडल: पेंशनर कल्याण मंडल का पुनर्गठन कर इसके नियमित संचालन को सुनिश्चित किया जाए।
  • पेंशनर कल्याण निधि: इस निधि के नियमों का पुनरीक्षण किया जाए और वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए सहायता राशि में वृद्धि की जाए।
  • महंगाई राहत (DR): केंद्र सरकार के अनुरूप 01 जनवरी से देय 2 प्रतिशत महंगाई राहत (DR) को तत्काल प्रभाव से स्वीकृत कर एरियर सहित भुगतान सुनिश्चित हो।
  • नॉन-ट्रैसेबिलिटी का मुद्दा: ‘न मांग–न जांच प्रमाणपत्र’ (No Demand-No Enquiry Certificate) के नाम पर पेंशन रोके जाने की जो अनुचित प्रवृत्ति है, उस पर तत्काल पूर्णतः रोक लगाई जाए।

प्रतिनिधिमंडल में महासंघ के कार्यकारी प्रांताध्यक्ष जे. पी. मिश्रा, प्रदेश महामंत्री अनिल गोल्हानी, संभागीय अध्यक्ष शैलेन्द्र कुमार सिन्हा और दैवेभो पेंशनर्स कल्याण प्रकोष्ठ के संयोजक अनिल पाठक प्रमुख रूप से शामिल थे।

मुख्य सचिव द्वारा मिली इस सकारात्मक प्रतिक्रिया और आश्वासन के बाद प्रदेश के पेंशनर समाज में अपने लंबित लाभों के जल्द मिलने की उम्मीदें एक बार फिर बढ़ गई हैं।