पद खत्म, जिम्मेदारी नहीं: सेवा को जमीन पर उतार इंजीनियर्स ने पेश की मिसाल
“पद खत्म, जिम्मेदारी नहीं: सेवा की जमीनी मिसाल, कलेक्टर- कमिश्नर ने भी माना

बिलासपुर…जल संसाधन कार्यालय स्थित प्रार्थना कक्ष सभागार में रिटायर्ड डिप्लोमा फोरम ने एक व्यापक सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम का केंद्र बिंदु संघर्षशील इंजीनियर सुरेंद्र सिंह टुटेजा की स्मृति रहा, जहां सेवा और सहयोग की भावना को ठोस रूप दिया गया।
गुरुद्वारा कमेटी को समर्पित सेवा
गुरु सिंह सभा सेंट्रल गुरुद्वारा कमेटी, गोंडपारा को शव वाहन और टीम फ्रीजर समर्पित किए गए। इस पहल में युवा इंजीनियर और पीएमजीएसवाई के एसी वरुण राजपूत की भूमिका प्रमुख रही, जिन्होंने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए इसे सेवा से जुड़े ठोस प्रयास में बदला।
स्वास्थ्य शिविर और जागरूकता अभियान
फोरम के गठन के बाद से एलॉयड हॉस्पिटल, मेट्रो हॉस्पिटल और आयुर्वेद चिकित्सालय के चिकित्सकों के सहयोग से स्वास्थ्य परीक्षण शिविर आयोजित किए गए। साथ ही जिला पुलिस और अन्य संस्थाओं के साथ मिलकर साइबर जागरूकता जैसे कार्यक्रम भी संचालित किए गए।
कलेक्टर संजय : “सेवा का जीवंत उदाहरण”
मुख्य अतिथि कलेक्टर संजय अग्रवाल ने फोरम की गतिविधियों की सराहना करते हुए कहा कि एक वर्ष से संगठन के कार्यों को करीब से देख रहे हैं और हर कार्यक्रम में जुड़ने का प्रयास करते हैं। उन्होंने कहा—
डिप्लोमा अभियंता होने के नाते यहां आकर घर जैसा अनुभव होता है। यह मंच जिस तरह सामाजिक जिम्मेदारी निभा रहा है, वह प्रेरणादायक है। उम्मीद है कि यह टीम आगे भी समाज के लिए अपनी भूमिका को इसी तरह मजबूत बनाए रखेगी।”
कमिश्नर सुनील: “सेवानिवृत्ति के बाद असली सेवा
कमिश्नर सुनील जैन ने स्पष्ट कहा—फोरम के कार्यों को देखकर संतोष होता है। सेवानिवृत्ति के बाद समाज के लिए सक्रिय रहना ही वास्तविक सेवा है। प्रशासन की ओर से हर जरूरी सहयोग के लिए हम तैयार हैं।
उन्होंने फोरम के पदाधिकारियों को आश्वस्त किया कि सामाजिक पहल को आगे बढ़ाने में प्रशासन साथ खड़ा रहेगा।
वरुण राजपूत: “सीनियर्सस ने दिया गर्व का अवसर
पीएमजीएसवाई के एसी वरुण राजपूत ने अपने संबोधन में कहा— यह संतोष की बात है कि रिटायर्ड इंजीनियर आज भी समाज और देश के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। हमें अपने वरिष्ठों से लगातार मार्गदर्शन मिलता है, यही हमारी ताकत है।” उन्होंने स्पष्ट रूप से जोड़ा—
“वरिष्ठ इंजीनियरों ने हमें सेवा का अवसर दिया है। इस भागीरथ अभियान में सहभागी बनना गर्व की बात है। आगे भी इस सहभागिता को पूरी प्रतिबद्धता के साथ निभाने का प्रयास करता रहूंगा।”
उन्होंने कहा कि युवा इंजीनियर न केवल ऐसे प्रयासों में भागीदारी निभा रहे हैं, बल्कि जरूरत पड़ने पर व्यक्तिगत सहयोग देने के लिए भी तैयार हैं। “यह शहर अपना है, यहां की जनता के लिए काम करने का अवसर मिलना जिम्मेदारी भी है और सौभाग्य भी।
सम्मान और सहभागिता
कार्यक्रम में संघर्षशील इंजीनियर सुरेंद्र सिंह टुटेजा के परिजनों को सम्मानित किया गया। पीएमजीएसवाई के वरिष्ठ अधिकारी वरुण सिंह राजपूत समेत इंजीनियर जितेंद्र कुमार नेताम, गुरुद्वारा कमेटी के प्रतिनिधि डॉ. नवनीत सिंह सहित अन्य सहयोगकर्ताओं को भी सम्मान मिला।





