बिलासपुर…कांग्रेस में विधानसभा स्तर के यूथ कांग्रेस पदाधिकारियों के चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी तेज है। बिल्हा विधानसभा में अध्यक्ष पद के दावेदार राहुल राजपूत और उनके समर्थक सक्रिय सदस्यों से संपर्क कर समर्थन जुटाने में लगे हैं। फोन पर बातचीत से लेकर व्यक्तिगत मुलाकातों तक वोट मांगने का सिलसिला चल रहा है। परिवार, परिचितों और प्रभावशाली लोगों तक पहुंच बनाने की कोशिशें भी जारी हैं।

इसी बीच सामने आए एक कथित वायरल ऑडियो ने कांग्रेस के इस संगठनात्मक चुनाव को बिल्हा की व्यापक राजनीतिक चर्चा में ला दिया है।

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वायरल ऑडियो को लेकर दावा किया जा रहा है कि इसमें पथरिया निवासी राहुल राजपूत के लिए समर्थन और वोट मांगा जा रहा है। खास बात यह है कि जिस महिला से समर्थन मांगे जाने की बात सामने आ रही है, उन्हें भाजपा की बिल्हा विधानसभा की प्रमुख भाजपा नेत्री साहू बताया जा रहा है। ऑडियो में किशन नामक व्यक्ति, शुभम चकरभाठा के हवाले से राहुल राजपूत के पक्ष में समर्थन मांगता सुनाई देने का दावा किया जा रहा है। बातचीत में महिला की ओर से भी अपने समर्थकों से राहुल राजपूत के पक्ष में समर्थन की बात कहे जाने की चर्चा है।

हालांकि वायरल ऑडियो में सुनाई दे रही आवाज भाजपा नेत्री साहू की ही है या नहीं, इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए फिलहाल पूरा मामला कथित ऑडियो और उससे उठे राजनीतिक सवालों तक सीमित है।

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कांग्रेस का चुनाव, भाजपा नेत्री क्यों चर्चा में?

मामला इसलिए दिलचस्प हो गया है क्योंकि चुनाव कांग्रेस के विधानसभा यूथ कांग्रेस पदाधिकारियों का है और प्रत्याशी भी कांग्रेस के संगठनात्मक चुनाव में मैदान में हैं। ऐसे में भाजपा की सक्रिय नेत्री के नाम से कांग्रेस प्रत्याशी के समर्थन की कथित अपील सामने आने से राजनीतिक गलियारों में सवाल उठने लगे हैं।

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राहुल राजपूत पथरिया के निवासी हैं। पथरिया वही क्षेत्र है, जहां से भाजपा नेत्री का भी नाता रहा है। यही वजह है कि वायरल ऑडियो में राहुल राजपूत के समर्थन की कथित अपील ने पुराने राजनीतिक और सामाजिक संपर्कों को लेकर चर्चा को और हवा दे दी है।

भाजपा नेत्री का कांग्रेस से पुराना राजनीतिक संबंध रहा है। वर्ष 2018 में उन्होंने बिल्हा विधानसभा से कांग्रेस टिकट की दावेदारी की थी। टिकट राजेंद्र शुक्ला को मिलने के बाद उन्होंने कांग्रेस से दूरी बना ली और बाद में भाजपा का दामन थाम लिया। वर्तमान में वे भाजपा की सक्रिय राजनीति में हैं और बिल्हा विधानसभा क्षेत्र में पार्टी की प्रमुख महिला नेताओं में उनका नाम लिया जाता है। हालांकि, कांग्रेस छोड़ते समय उनके राजनीतिक विकल्पों को लेकर भी चर्चाएं रही थीं। ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या उन्होंने भविष्य के लिए कांग्रेस में वापसी की कोई संभावित गुंजाइश खुली छोड़ी थी—खासकर तब, जब भाजपा की ओर से विधानसभा चुनाव में उनकी दावेदारी को अपेक्षित महत्व न मिले। फिलहाल यह केवल राजनीतिक अटकल है और इस संबंध में भाजपा नेत्री साहू की ओर से कोई सार्वजनिक बयान सामने नहीं आया है।

सब अपने हैं’… तो सियासत में सवाल भी अपने हैं

वायरल ऑडियो को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा उस कथित बातचीत की है, जिसमें महिला की ओर से राहुल राजपूत के समर्थन में अपने समर्थकों से बात करने की बात सामने आ रही है। ‘सब अपने हैं, समर्थन करना जरूरी है’ जैसे कथित शब्दों ने इस पूरे मामले को और दिलचस्प बना दिया है।

सियासत में पुराने रिश्ते होना कोई नई बात नहीं। नेता दल बदलते हैं, राजनीतिक रास्ते बदलते हैं, लेकिन व्यक्तिगत संबंध कई बार बने रहते हैं। मगर जब बात किसी दूसरे दल के संगठनात्मक चुनाव में प्रत्याशी के समर्थन की हो तो सवाल उठना भी स्वाभाविक है।

यदि वायरल ऑडियो की सत्यता और उसमें सुनाई दे रही आवाज की पहचान की पुष्टि होती है, तो भाजपा संगठन के सामने यह सवाल खड़ा होगा कि उसकी सक्रिय नेत्री का नाम कांग्रेस के संगठनात्मक चुनाव में समर्थन जुटाने के लिए क्यों सामने आ रहा है। वहीं कांग्रेस के लिए भी सवाल कम नहीं हैं कि उसके संगठनात्मक चुनाव में विपक्षी खेमे से कथित समर्थन की जरूरत आखिर क्यों पड़ रही है।

भाजपा का पाला, कांग्रेस के लिए समर्थन?

यहीं से मामला महज यूथ कांग्रेस के एक चुनाव से आगे बढ़कर दलगत राजनीति की बहस में प्रवेश करता है। भाजपा अपने संगठनात्मक अनुशासन और विचारधारा को अपनी ताकत बताती है। ऐसे में उसकी एक प्रमुख नेत्री के नाम से कांग्रेस प्रत्याशी के पक्ष में समर्थन की कथित अपील सामने आए तो राजनीतिक चर्चा होना स्वाभाविक है।

क्या यह सिर्फ व्यक्तिगत संबंधों का मामला है? क्या पुराने कांग्रेस संबंध आज भी राजनीतिक संपर्कों में दिखाई देते हैं? क्या भाजपा नेत्री ने कांग्रेस छोड़ते समय भविष्य में लौटने की कोई राजनीतिक संभावना खुली छोड़ी थी? या फिर इसे महज एक सामान्य समर्थन की अपील मानकर छोड़ दिया जाएगा? फिलहाल इन सवालों के जवाब सामने नहीं आए हैं।

इतना जरूर है कि कांग्रेस का यूथ कांग्रेस चुनाव अब भाजपा तक पहुंच गया है। चुनाव कांग्रेस के संगठन का है, प्रत्याशी कांग्रेस का है और वोट कांग्रेस के सक्रिय सदस्यों का है, लेकिन कथित तौर पर समर्थन की आवाज भाजपा नेत्री तक पहुंच गई। यही विरोधाभास इस पूरे घटनाक्रम को खास बना रहा है।

अब नजर इस बात पर है कि वायरल ऑडियो सामने आने के बाद भाजपा संगठन क्या रुख अपनाता है और कांग्रेस इस पूरे घटनाक्रम को किस नजर से देखती है। फिलहाल ऑडियो वायरल है, चर्चा तेज है और बिल्हा की सियासत में सवाल तैर रहा है—पाला बदला था, रिश्ते नहीं… या फिर यह सिर्फ एक सियासी संयोग है?