बिलासपुर… जापान में एशियन गेम्स के कबड्डी मैदान पर छत्तीसगढ़ की बेटी संजू देवी ने देश के लिए स्वर्ण पदक जीतकर प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। भारतीय महिला कबड्डी टीम की इस स्वर्णिम सफलता के बाद उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने संजू देवी से वीडियो कॉल पर बातचीत कर उन्हें बधाई दी।

भारतीय महिला कबड्डी टीम ने फाइनल में ईरान को 37-34 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इस मुकाबले में संजू देवी ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

वीडियो कॉल पर बातचीत के दौरान अरुण साव ने संजू देवी की उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि आपने अपनी मेहनत, संघर्ष और खेल के प्रति जुनून से देश के साथ छत्तीसगढ़ का भी मान बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रदेश की बेटी का तिरंगा लहराने वाली टीम का हिस्सा बनना पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का क्षण है।

उप मुख्यमंत्री ने संजू देवी को आगे भी इसी तरह शानदार प्रदर्शन करते रहने की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि उनकी सफलता प्रदेश की उन बेटियों और युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा है, जो खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने का सपना देख रहे हैं।

बहतराई से एशियन गेम्स तक पहुंची संजू

कोरबा जिले की संजू देवी फिलहाल बिलासपुर की बहतराई खेल अकादमी में प्रशिक्षण ले रही हैं। गांव के मैदान से शुरू हुआ उनका सफर अब अंतरराष्ट्रीय कबड्डी के बड़े मंच तक पहुंच चुका है। 2025 में महिला कबड्डी विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा रहीं संजू को उस टूर्नामेंट में सर्वाधिक मूल्यवान खिलाड़ी भी चुना गया था।

एशियन गेम्स में भी संजू ने अपने खेल का दम दिखाया। टूर्नामेंट के शुरुआती मुकाबले में बांग्लादेश के खिलाफ भारत की 42-21 की जीत में उन्होंने लगातार सफल रेड लगाकर टीम की बढ़त बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई थी।

 सहयोग के लिए संजू ने जताया आभार

बातचीत के दौरान संजू देवी ने राज्य सरकार और खेल विभाग की ओर से मिले सहयोग और प्रोत्साहन के लिए आभार जताया। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण, सुविधाओं और लगातार मिले प्रोत्साहन ने उन्हें अपने खेल को निखारने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने में मदद की।

अरुण साव ने कहा कि छत्तीसगढ़ की खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए बेहतर प्रशिक्षण और सुविधाएं उपलब्ध कराने पर लगातार काम किया जा रहा है। संजू देवी की उपलब्धि इस बात का उदाहरण है कि प्रदेश के छोटे शहरों और गांवों से निकलने वाली प्रतिभाएं भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का प्रतिनिधित्व कर सकती हैं।