CG Teacher/रायपुर।छत्तीसगढ़ में स्कूली बच्चों के शैक्षणिक स्तर को बेहतर बनाने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने पढ़ाई की व्यवस्था में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। अक्टूबर से भौतिकशास्त्र, रसायनशास्त्र, जीव विज्ञान और गणित जैसे विषयों की संभागवार ऑनलाइन कक्षाएं शुरू की जाएंगी। इन कक्षाओं में विषय विशेषज्ञ बच्चों की शंकाओं का समाधान करेंगे और परीक्षा की तैयारी में भी मार्गदर्शन देंगे। वहीं, हर शनिवार होने वाले बैगलेस डे में विद्यार्थियों को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाएगी।

शिक्षा विभाग ने स्कूलों में नियमित पढ़ाई को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। विभाग के अनुसार, मौजूदा शैक्षणिक सत्र में अब केवल 49 अध्यापन दिवस शेष हैं। ऐसे में दिसंबर तक हर हाल में निर्धारित पाठ्यक्रम पूरा कराने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए स्कूलों में पढ़ाई की नियमित निगरानी करने और ब्लूप्रिंट के अनुसार अध्यापन कराने के निर्देश दिए गए हैं।

विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि पाठ्यपुस्तकों के स्थान पर बाजार में उपलब्ध गाइड या अन्य अनधिकृत अध्ययन सामग्री से पढ़ाने वाले शिक्षकों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है। स्कूलों में निर्धारित पाठ्यक्रम और पाठ्यपुस्तकों के आधार पर पढ़ाई कराने पर जोर दिया गया है।

जिन स्कूलों में किसी विषय के शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं, वहां विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए स्मार्ट बोर्ड, दीक्षा पोर्टल और अन्य डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल किया जाएगा। अक्टूबर से संभाग स्तर पर कठिन विषयों की लाइव ऑनलाइन कक्षाएं आयोजित करने की योजना है।

इनमें विषय विशेषज्ञ विद्यार्थियों को पढ़ाने के साथ उनके सवालों का समाधान भी करेंगे।

शिक्षा विभाग ने कक्षा 5वीं से 8वीं तक के विद्यार्थियों के लिए बुनियादी शैक्षणिक दक्षता को भी प्राथमिकता दी है। विभाग ने इन कक्षाओं के 100 प्रतिशत विद्यार्थियों को हिंदी और अंग्रेजी धाराप्रवाह पढ़ने में सक्षम बनाने का लक्ष्य रखा है। इसके साथ ही विद्यार्थियों को 20 से 25 तक के पहाड़े कंठस्थ कराने के निर्देश दिए गए हैं। दिसंबर तक निर्धारित लक्ष्य हासिल करने वाले बेहतर प्रदर्शन करने वाले स्कूलों और शिक्षकों को सम्मानित करने की बात भी कही गई है।

हर शनिवार आयोजित होने वाले बैगलेस डे को भी अब प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी से जोड़ा गया है। कक्षा 5वीं और 8वीं के विद्यार्थियों को साइंस ओलंपियाड, एनएमएमएसई, श्रेष्ठ, नवोदय और प्रयास जैसी परीक्षाओं के लिए विशेष तैयारी कराने के निर्देश दिए गए हैं।

इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को प्रारंभिक स्तर से ही प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करना है।

त्रैमासिक परीक्षा के दौरान स्कूलों के संचालन समय में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। स्कूल सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक संचालित होंगे। परीक्षा दोपहर 1 बजे से शाम 4 बजे के बीच निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आयोजित की जाएगी।

मध्याह्न भोजन यानी एमडीएम की व्यवस्था को लेकर भी स्कूलों को विशेष निर्देश दिए गए हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार, सेंट्रल किचन वाले स्कूलों को छोड़कर अन्य स्कूलों में भोजन स्कूल परिसर में ही तैयार किया जाएगा। रसोईघर की नियमित सफाई और पोताई कराने के साथ खाद्य सामग्री की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं। एक्सपायरी डेट वाले मसालों और अन्य खाद्य सामग्री के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक रहेगी।

बच्चों को भोजन परोसने से पहले रसोइया और उसके बाद शिक्षक द्वारा भोजन चखने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है। वहीं, स्वामी आत्मानंद स्कूलों में विद्यार्थियों को घर से टिफिन लाने के बजाय स्कूल में तैयार भोजन ग्रहण करने के लिए प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए गए हैं।

शिक्षा विभाग के इन निर्देशों के बाद आने वाले महीनों में स्कूलों में पढ़ाई, डिजिटल शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और मध्याह्न भोजन व्यवस्था की निगरानी पर विशेष जोर रहेगा।