बिलासपुर। बालिकाओं की शिक्षा, वैज्ञानिक सोच और नशामुक्त समाज को लेकर नगर विधायक एवं पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल ने विद्यार्थियों के बीच संवाद करते हुए शिक्षा को सामाजिक बदलाव की सबसे बड़ी ताकत बताया। दयालबंद स्थित स्वामी आत्मानंद महारानी लक्ष्मीबाई शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने छात्राओं को जीवन में निरंतर सीखने, नवाचार को आगे बढ़ाने और जिम्मेदार नागरिक बनने का संदेश दिया। कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्तर की इंस्पायर अवार्ड मानक प्रतियोगिता के लिए चयनित बिल्हा विकासखंड की दो छात्राओं रेणुका धनुआर और तृषा कमलेश को सम्मानित भी किया गया।

बेटियों की उड़ान.. चौखट तक सीमित नहीं

छात्राओं से सीधे संवाद करते हुए अमर अग्रवाल ने कहा कि माता-पिता और गुरुजनों से मिली प्रेरणा जीवन की दिशा तय करती है। सीखने की ललक और सही मार्गदर्शन के साथ विद्यार्थी किसी भी लक्ष्य को हासिल कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि बेटी बचाओ अभियान ने समाज की सोच में बदलाव लाया है और आज बेटियां शिक्षा, विज्ञान सहित हर क्षेत्र में अपनी निर्णायक मौजूदगी दर्ज करा रही हैं।

उन्होंने विद्यालय की छात्र कैबिनेट को शपथ दिलाते हुए विद्यालय के संचालन और रखरखाव में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने नशामुक्ति का संकल्प भी लिया।

कबाड़ नहीं, आइडिया से राष्ट्रीय मंच तक

कार्यक्रम का सबसे खास आकर्षण बिल्हा विकासखंड की दो छात्राओं की उपलब्धि रही। इंस्पायर अवार्ड मानक प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ से राष्ट्रीय स्तर के लिए चयनित 20 विद्यार्थियों में रेणुका धनुआर और तृषा कमलेश ने जगह बनाई है। दोनों छात्राओं को पांच-पांच हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि और मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया।

देवरी खुर्द की रेणुका धनुआर ने सार्वजनिक स्थानों पर थूकने की समस्या से निपटने के लिए ‘वॉल माउंट स्पिट डिटेक्शन एंड अलार्म सिस्टम’ मॉडल तैयार किया है। वहीं बिजौर की तृषा कमलेश ने ‘वेदर गार्ड स्मार्ट बैग’ विकसित किया है, जो बारिश या नमी का संकेत मिलते ही जुड़े छाते को स्वतः खोलने में सक्षम है।

दोनों छात्राएं चार सितंबर को रायपुर में होने वाले राज्य स्तरीय मेंटरशिप प्रशिक्षण में अपने मॉडल प्रस्तुत करेंगी। विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में इनके मॉडल को राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए और बेहतर बनाया जाएगा।

साइकिल से स्कूल, शिक्षा से आत्मनिर्भरता तक

महारानी लक्ष्मीबाई कन्या शाला की छात्राओं को सरस्वती साइकिल योजना के तहत साइकिल वितरित करते हुए अग्रवाल ने कहा कि योजना ने दूरदराज से आने वाली छात्राओं के लिए स्कूल पहुंच आसान की है। इससे बालिकाओं की उपस्थिति बढ़ाने और ड्रॉपआउट कम करने में मदद मिली है।

उन्होंने कहा कि बेटा और बेटी दोनों पढ़ेंगे, तभी परिवार शिक्षित और सशक्त बनेगा। शिक्षा सिर्फ रोजगार पाने का माध्यम नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता और सामाजिक परिवर्तन की बुनियाद है। नई शिक्षा नीति में भी बालक-बालिका को समान अवसर देने और लैंगिक असमानता खत्म करने पर जोर दिया गया है।

15 सितंबर तक नवाचार का मौका

इंस्पायर अवार्ड मानक भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय की पहल है। सत्र 2026-27 के लिए पंजीयन शुरू हो चुका है और 15 सितंबर अंतिम तिथि है। कक्षा छठवीं से बारहवीं तक के विद्यालय अपने पांच विद्यार्थियों के नवाचारी विचारों का ऑनलाइन पंजीयन करा सकते हैं।

कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष दीपक सिंह, पार्षद बंधु मौर्य, रंगा नादम, एल्डरमैन योगेश बोले, बीईओ भूपेन कौशिक, एबीईओ मुकेश अग्रवाल, प्राचार्य प्रज्ञा गोपाल सहित शिक्षक, शाला विकास समिति के सदस्य और बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे।