बिलासपुर..शासकीय पट्टे की जमीन को निजी बताकर बेचने और 45 लाख 21 हजार रुपये की धोखाधड़ी करने के आरोप में सिविल लाइन पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने ग्राम धमनी में स्थित 20 एकड़ जमीन का सौदा किया था। रकम लेने के बाद भी जमीन की रजिस्ट्री और सीमांकन नहीं कराया गया। खरीदार ने जब जमीन के दस्तावेजों की जांच कराई, तब उसके शासकीय पट्टे की भूमि होने और राजस्व न्यायालय में प्रकरण लंबित होने की जानकारी सामने आई।

पुलिस के मुताबिक, सरकंडा के विजयापुरम कॉलोनी निवासी दीपक सोनी ने 24 अक्टूबर 2026 को सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि ग्राम धमनी में महर्षि स्कूल रोड, मंगला स्थित नीता डेयरी और गीतांजलि पार्क के पहले की करीब 20 एकड़ जमीन का सौदा सैय्यद शमशाद अली और उसकी पत्नी कमरूनिशा के नाम पर बताया गया था। इस सौदे में सोनू उर्फ चंद्रप्रकाश दुबे ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई थी।

दीपक सोनी के अनुसार, जमीन खरीदने के लिए उसने अलग-अलग किस्तों में ऑनलाइन भुगतान, आरटीजीएस और नकद के माध्यम से कुल 45 लाख 21 हजार रुपये शमशाद अली और उसकी पत्नी को दिए थे। इसके बाद जमीन का सीमांकन कराकर रजिस्ट्री कराने की बात कही गई, लेकिन काफी समय बीतने के बाद भी न तो रजिस्ट्री हुई और न ही सीमांकन कराया गया। जमीन के दस्तावेज मांगने पर भी टालमटोल की जाती रही।

इसके बाद खरीदार ने जमीन का ऑनलाइन राजस्व रिकॉर्ड जांचा तो उसके शासकीय पट्टे की भूमि होने की जानकारी मिली। इस संबंध में पूछने पर आरोपियों ने रिकॉर्ड दुरुस्त नहीं होने की बात कही। पुराने राजस्व अभिलेखों की जांच में जमीन से संबंधित मामला राजस्व न्यायालय में लंबित होने का पता चला। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इस स्थिति की जानकारी होने के बावजूद जमीन का सौदा कर रकम ली गई।

मामले की शिकायत पर सिविल लाइन पुलिस ने धोखाधड़ी, कूटरचना और आपराधिक षड्यंत्र से संबंधित धाराओं में अपराध दर्ज कर जांच शुरू की। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देश पर पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए सैय्यद शमशाद अली निवासी तालापारा, और सोनू उर्फ चंद्रप्रकाश दुबे, निवासी कड़ार, थाना चकरभाठा, को हिरासत में लिया। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में दोनों ने अपराध स्वीकार किया। इसके बाद 26 अक्टूबर को उन्हें गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 467, 468, 471 और 120बी के तहत मामला दर्ज किया है। मामले में जमीन के स्वामित्व, राजस्व अभिलेखों और कथित भुगतान से जुड़े तथ्यों की जांच के आधार पर आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।