अंबिकापुर.छत्तीसगढ़ के पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को लेकर केंद्र सरकार तथा आयोग पर सवाल उठाए हैं।

कांग्रेस के ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान के तीसरे चरण के तहत सोमवार को अंबिकापुर स्थित राजीव भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने दावा किया कि देश के विभिन्न राज्यों में मतदाता सूची से नाम हटाने और नए नाम जोड़ने की प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया पर जनता का भरोसा बनाए रखने के लिए पारदर्शिता जरूरी है।

सिंहदेव ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में 60 लाख मतदाताओं के नाम सूची से काटे गए हैं। आंध्र प्रदेश का उदाहरण देते हुए उन्होंने मतदान के समय और मतों के आंकड़ों को लेकर भी सवाल उठाए।

उनके अनुसार, रात आठ बजे से सुबह दो बजे के बीच 52 लाख मतदाताओं के मतदान करने की बात सामने आई, जिनमें 17 लाख मतों का मतदान रात 12 से 2 बजे के बीच होने का दावा किया गया।

उन्होंने चुनाव परिणाम चार दिन बाद सामने आने का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसी घटनाओं से निर्वाचन आयोग की विश्वसनीयता पर चर्चा हो रही है। इन आंकड़ों और दावों की स्वतंत्र पुष्टि प्रेस कॉन्फ्रेंस में उपलब्ध जानकारी से नहीं हो सकी।

पूर्व उपमुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में बिना आवेदन 13 हजार मतदाताओं के नाम बदले जाने का भी दावा किया।

उन्होंने देशभर में 13 करोड़ लोगों के नाम मतदाता सूची से गायब होने की बात कहते हुए आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। सिंहदेव ने कहा कि यदि आयोग की बैठकें लंबे अंतराल तक नहीं होती हैं, तो निर्णय लेने की प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है।

सिंहदेव ने कहा कि मतदाता सूची और निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े इन्हीं मुद्दों को लेकर सिविल सोसाइटी तथा युवाओं के बीच ‘ज्ञानेश कुमार गो बैक’ की मांग उठी है।

उन्होंने इसे किसी एक राजनीतिक दल तक सीमित मामला मानने के बजाय निर्वाचन आयोग की नीतियों और कामकाज से जुड़ा विषय बताया।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में सिंहदेव ने देश की आंतरिक सुरक्षा और विदेश नीति को लेकर भी केंद्र सरकार की आलोचना की। उन्होंने मणिपुर में जारी हिंसा का उल्लेख करते हुए कहा कि देश की आंतरिक और सीमाई सुरक्षा को लेकर सरकार को स्पष्ट स्थिति सामने रखनी चाहिए।

चीन के संदर्भ में सिंहदेव ने आईटीबीपी की तैयारियों से जुड़ी खबरों और अरुणाचल प्रदेश में चीनी सैनिकों की कथित मौजूदगी के दावों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों की ओर से वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) से 50 से 60 किलोमीटर अंदर तक चीनी सैनिकों की मौजूदगी की बात कही जा रही है, जबकि केंद्र सरकार सीमा पर स्थिति सामान्य होने की बात करती है। सिंहदेव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की चीन और अमेरिका के प्रति नीतियों की आलोचना की। ये टिप्पणियां सिंहदेव के राजनीतिक आरोप हैं; सीमा की स्थिति से जुड़े दावों की स्वतंत्र पुष्टि यहां उपलब्ध जानकारी से नहीं हुई।

पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के छत्तीसगढ़ दौरे के दौरान स्वागत में होर्डिंग और फूल-मालाओं से दूरी बनाए जाने को लेकर पूछे गए सवाल पर सिंहदेव ने व्यंग्य करते हुए कहा कि ऐसा लगता है कि स्मृति ईरानी छत्तीसगढ़ से चुनाव लड़ना चाहती हैं।

शक्कर की बढ़ती कीमतों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि वह स्मृति ईरानी से शक्कर के दाम पूछना चाहते हैं।

स्मृति ईरानी को दो राज्यों का प्रभार सौंपे जाने के सवाल पर सिंहदेव ने इसे भाजपा का आंतरिक मामला बताया। उन्होंने कहा कि पार्टी के नेता अपना काम कर रहे हैं और इस विषय पर टिप्पणी करना उचित नहीं है।