बिलासपुर…न्यायालय से आपराधिक मामले में दोषसिद्ध होने के बाद शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बेलमुंडी में पदस्थ उच्च वर्ग शिक्षक विवेक गुप्ता को सेवा से पदच्युत कर दिया गया है। संयुक्त संचालक, शिक्षा संभाग बिलासपुर ने 23 अक्टूबर 2026 को इस संबंध में आदेश जारी किया। विभागीय आदेश के अनुसार, शिक्षक को भारतीय दंड संहिता की धारा 354 और 323 के तहत दोषसिद्ध किए जाने के बाद यह कार्रवाई की गई है।

मामला तखतपुर के न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी न्यायालय में चल रहे दांडिक प्रकरण क्रमांक 269/2018 से जुड़ा है। न्यायालय ने 26 सितंबर 2026 को सुनाए गए फैसले में विवेक गुप्ता को धारा 354 के तहत एक वर्ष के सश्रम कारावास और एक हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। वहीं, धारा 323 के तहत भी एक हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया।

शिक्षा विभाग के आदेश में शिक्षक की न्यायिक अभिरक्षा का भी उल्लेख है। उपलब्ध दंड संबंधी प्रमाण-पत्र के अनुसार, वह 7 अगस्त 2018 से 9 अक्टूबर 2018 तक न्यायिक अभिरक्षा में रहे थे। जिला शिक्षा अधिकारी बिलासपुर से मिले पत्र और जांच प्रतिवेदन के आधार पर संयुक्त संचालक कार्यालय ने प्रकरण में विभागीय कार्रवाई की।

आदेश में छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण तथा संबंधित सेवा नियमों के प्रावधानों का हवाला देते हुए विवेक गुप्ता को 26 सितंबर 2026 से सेवा से पदच्युत करने का उल्लेख किया गया है। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश हैं।

कार्रवाई की प्रतिलिपि लोक शिक्षण संचालनालय, कलेक्टर बिलासपुर, जिला शिक्षा अधिकारी बिलासपुर, विकासखंड शिक्षा अधिकारी तखतपुर और संबंधित विद्यालय के प्रधान पाठक को भेजी गई है। संबंधित शिक्षक को भी आदेश की सूचना देने का निर्देश है। न्यायालय के फैसले के बाद शिक्षा विभाग की इस कार्रवाई से शासकीय सेवा में कार्यरत कर्मचारियों के विरुद्ध आपराधिक मामलों में दोषसिद्धि होने पर अपनाई जाने वाली विभागीय प्रक्रिया एक बार फिर चर्चा में है।