बिलासपुर—युवा कांग्रेस नेता अरविन्द शुक्ला ने कहा…बजट में कुछ कहने लायक बचा ही नहीं है। कुछ कहने से अच्छा है कि मैं कुछ ना बोलूं। फिर भी कहने को मजबूर हूं कि सरकार के बजट भाषण में हकीकत कम फंसाना ज्यादा है। बजट सुनने और पढ़ने के बाद ग्रामीण अर्थव्यवस्था को चरमराते हुए देख रहा हूं। सरकार ने किसान,गरीब,युवा,मजदूर और कामकाजी महिलाओं को भगवान के भरोसे छोड़ दिया है।
युवा कांग्रेस नेता ब्लाक प्रमुख अरविन्द शुक्ला ने वित्त मंत्री ओपी के बजट को दिशाहीन और जनता को भ्रमित करने वाला बताया है। अरविन्द शुक्ला ने कहा कि छत्तीसगढ़ आदिवासी बहुल्य और कृषि  प्रधान राज्य है। बावजूद इसके किसानों के लिए बजट में कुछ नही है। बजट सामने आने के बाद युवा अपने आप को छला हुआ महसूस कर रहा है। किसानों के लिए बजट पोस्ट डेटेड जैसा है। बजट में ग्रामीण छत्तीसगढ़ के लिए कुछ भी नहीं है। बेरोजगार युवाओं को एक बार फिर चुनावी बजट का इंतजार करना पड़ेगा।
 शहर ब्लॉक अध्यक्ष अरविंद शुक्ला ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि कहने को तो  बजट गांव,गरीब और किसानों के लिए पेश किया गया है। बजट भाजपा नेताओं की कथनी और करनी जैसा है। गोठांन, स्व सहायता समूह, और ग्रामीण रोजगार से जुड़ी किसी नयी योजना का जिक्र नहीं है। मैं तो बजट भाषण सुनने के बाद ग्रामीण अर्थव्यवस्था को चरमराता हुआ देख रहा हूं।
 शुक्ला ने बताया कि बजट में  शिक्षा और ज्ञान पर ध्यान नहीं दिया गया है। युवा बेरोजगार महिलाओं और कर्मचारी वर्ग को पूरी तरह से उपेक्षित रखा गया है। पेट्रोल की कीमत में मात्र एक रुपए की कटौती जनता के साथ ठगी है। शुक्ला ने बताया कि भूपेश सरकार की महत्वकांक्षी योजना को  कोई राशि आवंटित नहीं किया गया है। विदेशी शराब में 9.5 % टैक्स में छूट देने का मतलब प्रदेश को नशे की आग में झोंकना है। उन्होने कहा कि आत्मानंद जैसी अच्छी योजना को भाजपा सरकार ने एक रुपए भी नहीं दिया। सरकार का द्वेषपूर्ण रवैया ठीक नहीं।