Chhattisgarh Cabinet Expansion,Da hike 2025,Chhattisgarh Budget 2025 LIVE Updatesरायपुर/मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में प्रदेश के सिंचाई ढांचे को सशक्त बनाने के उद्देश्य से जल संसाधन विभाग के कार्यों की गहन समीक्षा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश के मौजूदा सिंचाई परियोजनाओं के रखरखाव और मरम्मत पर विशेष ध्यान दिया जाए। मुख्यमंत्री श्री साय ने वरिष्ठ विभागीय अधिकारियों को नियमित रूप से फील्ड विजिट करने के निर्देश दिए और जल अपव्यय रोकने के साथ ही जल का अधिक से अधिक उपयोग कृषि कार्यों में हो, यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।मुख्यमंत्री साय ने प्रदेश के सभी बांधों की जल भराव क्षमता, वर्तमान सिंचाई स्थिति और आगामी परियोजनाओं के प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि नहरों के माध्यम से जल परिवहन में होने वाली हानि को रोकने के लिए आधुनिक तकनीकों का उपयोग जरूरी है। मुख्यमंत्री श्री साय ने जल उपयोग की दक्षता बढ़ाने हेतु अंडरग्राउंड पाइपलाइन व्यवस्था के माध्यम से आवश्यक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही सिंचाई योजनाओं में रूपांकित सिंचाई क्षमता और वास्तविक क्षमता के बीच के अंतर को कम करने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाने के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर एवं सरगुजा संभाग में लंबे समय से अधूरे योजनाओं को पूर्ण करने के लिए आवश्यक कार्यवाही की जाये।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने निर्माणाधीन वृहद परियोजनाओं को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए ताकि किसानों को समय से योजना का लाभ प्राप्त हो सके। उन्होंने बड़ी परियोजनाओं में भारत सरकार से वित्तीय सहायता प्राप्त करने हेतु आवश्यक प्रस्ताव यथाशीघ्र तैयार करने को कहा। मुख्यमंत्री ने राज्य में भू-जल की दृष्टि से क्रिटिकल/सेमी क्रिटिकल घोषित 26 विकासखण्डो में परियोजनाओं के निर्माण हेतु प्रस्ताव तैयार करने के भी निर्देश दिए।

इस अवसर पर जल संसाधन मंत्री केदार कश्यप ने निर्माणाधीन वृहद परियोजनाओं को शीघ्र पूर्ण करने के सम्बन्ध में निर्देश दिए। बैठक में सचिव जल संसाधन विभाग राजेश सुकुमार टोप्पो ने विभागीय गतिविधियों की जानकारी देते हुए निर्माणधीन एवं प्रस्तावित सिंचाई योजनाओं से भी मुख्यमंत्री को अवगत कराया।