LIVE UPDATE
ChhattisgarhEducation

TET Teachers- टीईटी के खिलाफ छत्तीसगढ़ के शिक्षकों का हल्ला बोल: 4 अप्रैल को दिल्ली कूच, हर ब्लॉक से रवाना होगी बसें; रायपुर में भी होगा महाआंदोलन

टीईटी के विरोध में चार अप्रैल को देश की राजधानी दिल्ली में छत्तीसगढ़ समेत देशभर के शिक्षक जुटेंगे। राष्ट्रीय आंदोलन को लेकर टीएफआई छत्तीसगढ़ की आज ऑनलाइन बैठक हुई।

TET Teachers/रायपुर। छत्तीसगढ़ के शिक्षा जगत में टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) से जुड़े नियमों और अन्य लंबित मांगों को लेकर शिक्षकों का असंतोष अब एक बड़े आंदोलन का रूप लेने जा रहा है। टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (टीएफआई) छत्तीसगढ़ की एक महत्वपूर्ण ऑनलाइन बैठक में यह निर्णय लिया गया है कि प्रदेश के शिक्षक अपनी आवाज बुलंद करने के लिए देश की राजधानी दिल्ली की ओर रुख करेंगे।

TET Teachers/टीएफआई के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष केदार जैन और मनीष मिश्रा के साथ-साथ छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक/समग्र शिक्षक फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र राठौर की मौजूदगी में हुई इस बैठक में आंदोलन की रूपरेखा तैयार की गई है।

करीब दो घंटे से अधिक समय तक चली इस बैठक में रणनीति बनाई गई है कि टीईटी से प्रभावित शिक्षकों के हितों की रक्षा के लिए चरणबद्ध तरीके से प्रदर्शन किया जाएगा। इसकी शुरुआत कल, 21 मार्च से होगी, जब प्रदेश के सभी 33 जिलों में टीएफआई छत्तीसगढ़ की संयुक्त बैठकें आयोजित की जाएंगी।

TET Teachers/इन बैठकों के माध्यम से जिला स्तर पर समन्वय स्थापित किया जाएगा। संगठन ने प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने के लिए सभी घटक संगठनों के जिला अध्यक्षों को ‘जिला संचालक’ और ब्लॉक अध्यक्षों को ‘ब्लॉक संचालक’ के रूप में नई जिम्मेदारी सौंपी है।

आंदोलन का सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव 4 अप्रैल को होगा, जब छत्तीसगढ़ के 146 विकासखंडों से शिक्षक दिल्ली के लिए रवाना होंगे। योजना के अनुसार, प्रत्येक विकासखंड से एक लग्जरी बस दिल्ली जाएगी, जिसका प्रबंधन संबंधित ब्लॉक संचालकों द्वारा किया जाएगा। जो शिक्षक दिल्ली जाने में असमर्थ होंगे, वे भी 4 अप्रैल को एक दिन का आकस्मिक अवकाश लेकर हड़ताल पर रहेंगे, जिससे शिक्षण व्यवस्था पर व्यापक असर पड़ने की संभावना है।

दिल्ली जाने वाले शिक्षक अपनी सुविधा के अनुसार एक से तीन दिनों का अवकाश लेंगे, जिसकी सूचना वे दो-तीन दिन पहले ही अपने विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) या संकुल समन्वयकों को देंगे।

आंदोलन की तैयारी को लेकर प्रशासनिक पारदर्शिता बनाए रखने के लिए 4 अप्रैल को ही समस्त जिला और ब्लॉक संचालक अपने-अपने क्षेत्रों के कलेक्टर, जिला शिक्षा अधिकारी और बीईओ को लिखित रूप में आंदोलन की सूचना देंगे। इस पूरे अभियान के वित्तीय प्रबंधन के लिए ब्लॉक स्तर पर टीईटी पीड़ित शिक्षकों से एक निर्धारित शुल्क लिया जाएगा, जिससे परिवहन और दिल्ली में होने वाले व्यय की पूर्ति की जाएगी। शुल्क का एक हिस्सा प्रदेश इकाई को भी भेजा जाएगा ताकि केंद्रीय स्तर पर आंदोलन को गति दी जा सके।

टीएफआई ने केवल दिल्ली तक ही सीमित न रहने का फैसला किया है। संगठन ने ऐलान किया है कि अप्रैल माह के अंतिम सप्ताह में छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में टीईटी के विरोध में एक वृहत और व्यापक आंदोलन किया जाएगा, जिसमें प्रदेश भर के हजारों शिक्षकों के जुटने की उम्मीद है। इसके साथ ही, फेडरेशन ने उन अन्य शिक्षक संगठनों से भी टीएफआई छत्तीसगढ़ में शामिल होने का आग्रह किया है जो अब तक इस मुहिम का हिस्सा नहीं बने हैं। इस बैठक में विकास राजपूत, जाकेश साहू, प्रदीप पांडे, कमलेश बिसेन और रामचंद सोनवंशी जैसे प्रमुख प्रदेश अध्यक्षों ने भी हिस्सा लिया और अपनी एकजुटता प्रदर्शित की।

Back to top button
close