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Bilaspur

मानसिक रोग आधार पर तलाक चाहने वालों को झटका – हाईकोर्ट ने कहा..इस आधार पर नहीं मिलेगा….देना होगा ऐसा सबूत

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने तलाक के मामलों में मानसिक बीमारी को आधार बनाने वालों के लिए बड़ा मार्गदर्शन दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट कहा है कि पति या पत्नी यदि साथी पर मानसिक रोग का आरोप लगाकर विवाह रद्द करने या तलाक की मांग करते हैं, तो केवल डॉक्टर की पर्ची या मेडिकल रिपोर्ट से बात नहीं बनेगी। मानसिक रोग की पुष्टि किसी योग्य मनोरोग विशेषज्ञ की गवाही और सबूत से ही हो सकेगी।

यह फैसला न्यायमूर्ति रजनी दुबे और न्यायमूर्ति ए.के. प्रसाद की खंडपीठ ने सुनाया। मामला एक पति की ओर से दायर याचिका से जुड़ा था, जिसमें उसने पत्नी को गंभीर मानसिक बीमारी सिज़ोफ्रेनिया से पीड़ित बताते हुए विवाह शून्य करने की मांग की थी। पति का आरोप था कि शादी से पहले ससुराल पक्ष ने बीमारी छुपाई, जबकि विवाह के बाद पत्नी का व्यवहार असामान्य और हिंसक हो गया।

परिवार न्यायालय ने पहले ही पति की याचिका यह कहते हुए खारिज कर दी थी कि वह साबित नहीं कर पाया कि पत्नी विवाह के समय से ही मानसिक रोग से ग्रसित थी। इसके खिलाफ पति ने हाईकोर्ट में अपील की थी।

हाईकोर्ट ने सुनवाई में दो टूक कहा कि मानसिक रोग जैसे गंभीर आधार पर विवाह शून्य घोषित करने के लिए ठोस और विशेषज्ञ साक्ष्य जरूरी हैं। केवल दवाइयों के पर्चे या सामान्य चिकित्सक की रिपोर्ट को पर्याप्त सबूत नहीं माना जा सकता। कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की कि पति को इलाज करने वाले विशेषज्ञ डॉक्टरों को गवाह बनाना चाहिए था, ताकि बीमारी की पुष्टि हो सके।

खंडपीठ ने परिवार न्यायालय के फैसले को बरकरार रखते हुए पति की याचिका खारिज कर दी। इस निर्णय के साथ ही हाईकोर्ट ने साफ कर दिया कि मानसिक बीमारी से जुड़े तलाक या विवाह रद्द करने के मामलों में बिना मनोरोग विशेषज्ञ की पुष्टि के दावा स्वीकार नहीं किया जाएगा।

Bhaskar Mishra

पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग 16 साल का अनुभव।विभिन्न माध्यमों से पत्रकारिता के क्षेत्र मे काम करने का अवसर मिला।यह प्रयोग अब भी जारी है।कॉलेज लाइफ के दौरान से पत्रकारिता से गहरा जुड़ाव हुआ।इसी दौरान दैनिक समय से जुडने का अवसर मिला।कहानी,कविता में विशेष दिलचस्पी ने पहले तो अधकचरा पत्रकार बनाया बाद में प्रदेश के वरिष्ठ और प्रणम्य लोगों के मार्गदर्शन में संपूर्ण पत्रकारिता की शिक्षा मिली। बिलासपुर में डिग्री लेने के दौरान दैनिक भास्कर से जु़ड़ा।2005-08 मे दैनिक हरिभूमि में उप संपादकीय कार्य किया।टूडे न्यूज,देशबन्धु और नवभारत के लिए रिपोर्टिंग की।2008- 11 के बीच ईटीवी हैदराबाद में संपादकीय कार्य को अंजाम दिया।भाग दौड़ के दौरान अन्य चैनलों से भी जुडने का अवसर मिला।2011-13 मे बिलासपुर के स्थानीय चैनल ग्रैण्ड न्यूज में संपादन का कार्य किया।2013 से 15 तक राष्ट्रीय न्यूज एक्सप्रेस चैनल में बिलासपुर संभाग व्यूरो चीफ के जिम्मेदारियों को निभाया। 1998-2000 के बीच आकाशवाणी में एनाउँसर-कम-कम्पियर का काम किया।वर्तमान में www.cgwall.com वेबपोर्टल में संपादकीय कार्य कर रहा हूं।
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