School Online Attendance/रायपुर/राज्य सरकार ने शिक्षा विभाग में उपस्थिति प्रणाली को और अधिक प्रभावी और सुगम बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। नेटवर्क की समस्याओं से जूझ रहे शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए राहत की खबर यह है कि अब ‘VSK App’ को अपग्रेड कर दिया गया है।

School Online Attendance/’VSK 2.0′ के नाम से आए इस नए वर्जन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि अब बिना इंटरनेट के भी ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज की जा सकेगी। सरकार के इस कदम का सीधा संदेश है कि स्कूलों में अब डिजिटल हाजिरी को लेकर सख्ती बरती जाएगी और भविष्य में बिना ऑनलाइन अटेंडेंस के वेतन जारी नहीं किया जाएगा।

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इस नए वर्जन में आईरिस (आंखों के) स्कैन की जगह अब बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंट की सुविधा को प्रमुखता से शामिल किया गया है। पहले आईरिस स्कैन या फोटो आधारित उपस्थिति में तकनीकी दिक्कतों के कारण काफी समय लगता था, लेकिन अब फिंगरप्रिंट के जरिए शिक्षक और कर्मचारी आसानी से अपनी हाजिरी दर्ज कर सकेंगे।

School Online Attendance/दूरदराज और वनांचल क्षेत्रों में जहां इंटरनेट की कनेक्टिविटी एक बड़ी चुनौती थी, वहां यह ऑफलाइन मोड वरदान साबित होगा। वीएसके 2.0 ऐप नेटवर्क न होने की स्थिति में भी फिंगरप्रिंट, फोटो और जीपीएस डेटा को अपने सिस्टम में सुरक्षित सेव कर लेगा और जैसे ही मोबाइल किसी नेटवर्क क्षेत्र में आएगा, यह सारा डेटा स्वतः ही सरकारी सर्वर पर अपलोड (सिंक) हो जाएगा।

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सुरक्षा और पारदर्शिता को पुख्ता करने के लिए इस ऐप में ‘जियो-फेंसिंग’ तकनीक को अनिवार्य रूप से लागू किया गया है। इसके तहत उपस्थिति केवल तय स्कूल परिसर के भीतर से ही दर्ज की जा सकेगी, जिससे फर्जी हाजिरी की गुंजाइश पूरी तरह खत्म हो जाएगी।

स्कूल शिक्षा विभाग ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि आने वाले समय में स्कूलों में उपस्थिति का सत्यापन केवल डिजिटल रिकॉर्ड के आधार पर ही मान्य होगा और मैन्युअल हाजिरी रजिस्टर की व्यवस्था को चरणबद्ध तरीके से समाप्त कर दिया जाएगा।

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डिजिटल सिस्टम को अनिवार्य बनाने के पीछे सरकार का उद्देश्य कार्यप्रणाली में पारदर्शिता लाना और दूरस्थ क्षेत्रों के शिक्षकों की व्यावहारिक समस्याओं का समाधान करना है। अब शिक्षकों का वेतन सीधे उनके डिजिटल रिकॉर्ड से जोड़ दिया गया है, जिसका अर्थ है कि समय पर ऑनलाइन अटेंडेंस दर्ज न होने की स्थिति में सैलरी रुक सकती है।