Rohit sharma retirement-भारतीय क्रिकेट के ‘हिटमैन’ कहे जाने वाले Rohit sharma के अंतरराष्ट्रीय भविष्य को लेकर इन दिनों क्रिकेट गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। इंग्लैंड के खिलाफ जारी वनडे सीरीज के बीच सोशल मीडिया पर उनके संन्यास को लेकर उड़ी अफवाहों ने प्रशंसकों को बेचैन कर दिया था, हालांकि बीसीसीआई ने इन खबरों को महज एक अफवाह बताकर खारिज कर दिया है।

लेकिन बड़ा सवाल अभी भी बरकरार है कि क्या रोहित शर्मा साल 2027 में होने वाले वनडे वर्ल्ड कप में नीली जर्सी में नजर आएंगे? हालिया घटनाक्रम और आंकड़ों के विश्लेषण से यह संकेत मिल रहे हैं कि Rohit sharma के लिए आगे का रास्ता काफी कांटों भरा हो सकता है।

सेलेक्टर्स और बोर्ड की बदलती सोच का सबसे बड़ा इशारा साल 2025 की चैंपियंस ट्रॉफी के बाद देखने को मिला, जब Rohit sharma को वनडे टीम की कप्तानी से हटा दिया गया। बोर्ड के इस फैसले ने साफ कर दिया कि भारतीय क्रिकेट अब भविष्य की ओर देख रहा है और 2027 के मिशन में रोहित की जगह पक्की नहीं है।

कप्तानी जाने के साथ-साथ रोहित की गिरती फॉर्म ने भी आग में घी डालने का काम किया है। साल 2025 में अब तक खेले गए 8 वनडे मैचों में रोहित का बल्ला पूरी तरह खामोश रहा है, जहां वे महज 30.12 की औसत से सिर्फ 241 रन बना सके हैं। इंग्लैंड के खिलाफ मौजूदा सीरीज में भी वे अब तक संघर्ष करते नजर आए हैं, जहां दो पारियों में उनके बल्ले से केवल 37 रन ही निकले हैं।

Rohit sharma की राह में सबसे बड़ी बाधा वह देश है, जहां 2027 का वर्ल्ड कप खेला जाना है। आगामी विश्व कप की मेजबानी साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया के पास है, और साउथ अफ्रीका की पिचों पर रोहित का रिकॉर्ड किसी डरावने सपने जैसा रहा है।

आंकड़ों के मुताबिक, साउथ अफ्रीका में खेले गए 14 वनडे मैचों में रोहित का औसत महज 19.69 का रहा है, जो उनके कद के बल्लेबाज के लिए बेहद चिंताजनक है। उछाल भरी पिचों पर उनकी यह कमजोरी टीम इंडिया के लिए वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में बड़ा जोखिम साबित हो सकती है। साल 2018 के पिछले दौरे पर भी एक शतक को छोड़ दिया जाए तो वे रन बनाने के लिए पूरी तरह तरसते नजर आए थे।

इन चुनौतियों के बीच 24 वर्षीय युवा सनसनी यशस्वी जायसवाल का उदय रोहित के लिए सबसे बड़ा खतरा बनकर उभरा है। जायसवाल ने जिस अंदाज में अपने वनडे करियर की शुरुआत की है, उसने चयनकर्ताओं को सोचने पर मजबूर कर दिया है।

महज 6 वनडे मैचों में 71.25 की अविश्वसनीय औसत से 285 रन और 2 शानदार शतक जड़कर जायसवाल ने टीम इंडिया के दरवाजे जोर-शोर से खटखटाए हैं। अफगानिस्तान के खिलाफ उनकी नाबाद 110 रनों की पारी ने यह साबित कर दिया कि वे लंबी रेस के घोड़े हैं। शुभमन गिल के साथ जायसवाल की जोड़ी भारत को एक बेहतरीन ‘बाएं और दाएं’ हाथ का ओपनिंग कॉम्बिनेशन देती है, जो किसी भी गेंदबाजी आक्रमण को ध्वस्त करने की क्षमता रखती है।