IND vs ENG/भारत और इंग्लैंड के बीच रविवार, 19 जुलाई को लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर होने वाला मुकाबला सिर्फ एक क्रिकेट मैच नहीं, बल्कि भारतीय टीम के लिए अपनी साख बचाने और इतिहास बदलने की सबसे बड़ी जंग है। यह सीरीज का तीसरा और निर्णायक मैच है, जो तय करेगा कि चमचमाती वनडे ट्रॉफी किसके हाथों में सजेगी।

लेकिन इस खिताबी भिड़ंत के बीच एक ऐसा चौंकाने वाला आंकड़ा सामने आया है, जिसे सुनकर किसी भी क्रिकेट प्रेमी को यकीन करना मुश्किल होगा। क्या आप जानते हैं कि क्रिकेट के ‘मक्का’ कहे जाने वाले लॉर्ड्स में आज तक कोई भी भारतीय बल्लेबाज वनडे क्रिकेट में शतक नहीं जड़ सका है?

जी हां, यह सुनने में भले ही अजीब लगे लेकिन यह एक कड़वा सच है। भारतीय टीम ने लॉर्ड्स के इस मैदान पर अपना पहला वनडे मैच साल 1975 में खेला था। तब से लेकर साल 2022 तक यानी करीब 47-48 सालों के लंबे इतिहास में टीम इंडिया ने यहां 9 वनडे मैच खेले हैं, लेकिन आज तक कोई भी भारतीय बल्लेबाज सैकड़ा (100 रन) पूरा नहीं कर पाया।

इस मैदान पर सुनील गावस्कर, सचिन तेंदुलकर, सौरव गांगुली, युवराज सिंह, महेंद्र सिंह धोनी, विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे दुनिया के महानतम बल्लेबाजों ने अपनी किस्मत आजमाई, लेकिन लॉर्ड्स की ‘नर्वस नाइंटीज’ या खराब फॉर्म ने सबको घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया।

रिकॉर्ड बुक पर नजर डालें तो लॉर्ड्स में भारत की ओर से वनडे में सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर पूर्व कप्तान सौरव गांगुली के नाम दर्ज है। गांगुली ने साल 2004 में इंग्लैंड के खिलाफ ही 90 रनों की यादगार पारी खेली थी, लेकिन वह भी शतक से महज 10 रन दूर रह गए थे। संयोग की बात यह है कि लॉर्ड्स के मैदान पर भारतीय टीम को वनडे में आखिरी जीत भी उसी मैच में मिली थी, उसके बाद से टीम इंडिया यहां जीत के लिए तरस रही है। भारत की तरफ से राहुल द्रविड़, युवराज सिंह, एमएस धोनी और खुद गांगुली ने यहां 2-2 अर्धशतक तो लगाए हैं, लेकिन कोई भी जादुई आंकड़े (100) तक नहीं पहुंच सका।

अब रविवार को होने वाले महामुकाबले में सबकी निगाहें विराट कोहली, रोहित शर्मा, कप्तान शुभमन गिल और श्रेयस अय्यर पर टिकी होंगी। हालांकि, चुनौती पहाड़ जैसी है क्योंकि इन चारों ही खिलाड़ियों का लॉर्ड्स में रिकॉर्ड बेहद मामूली रहा है। रोहित और विराट ने यहां जितने भी वनडे मैच खेले हैं, उनमें वे एक बार भी 50 का आंकड़ा पार नहीं कर पाए हैं।

वहीं, कप्तान शुभमन गिल ने यहां केवल एक टेस्ट खेला है और वनडे में वह पहली बार इस मैदान पर उतरेंगे। श्रेयस अय्यर के लिए तो यह अनुभव और भी चुनौतीपूर्ण होगा क्योंकि उन्होंने लॉर्ड्स में अब तक किसी भी फॉर्मेट का कोई मैच नहीं खेला है।

ऐसे में 19 जुलाई का यह मैच न केवल सीरीज के फैसले के लिए अहम है, बल्कि भारतीय बल्लेबाजों के पास इतिहास रचने का एक सुनहरा मौका भी है। क्या रोहित शर्मा की कप्तानी में टीम इंडिया इस मैदान पर जीत का सूखा खत्म कर पाएगी? और क्या कोई भारतीय बल्लेबाज वो कारनामा कर पाएगा जो सचिन, गावस्कर और धोनी जैसे दिग्गज भी नहीं कर सके?