ind vs eng/इंग्लैंड दौरे पर टी20 सीरीज गंवाने के बाद अब भारतीय टीम के पास वनडे सीरीज जीतकर अपनी साख बचाने का आखिरी और सुनहरा मौका है। तीन मैचों की यह सीरीज फिलहाल 1-1 की बराबरी पर खड़ी है और अब सबकी नजरें 19 जुलाई को क्रिकेट के ‘मक्का’ कहे जाने वाले लॉर्ड्स मैदान पर होने वाले खिताबी मुकाबले पर टिकी हैं।

भारतीय टीम ने सीरीज का पहला मैच जीतकर शानदार आगाज किया था, लेकिन दूसरे वनडे में कार्डिफ की हार ने टीम की कमजोरियों को एक बार फिर उजागर कर दिया है। निर्णायक मैच से पहले टीम इंडिया के लिए सबसे बड़ी चिंता का विषय लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर भारतीय दिग्गज बल्लेबाजों का बेहद निराशाजनक रिकॉर्ड है, जो किसी डरावने सपने से कम नहीं है।

लॉर्ड्स की पिच और वहां का माहौल भारतीय बल्लेबाजी के लिए हमेशा से एक बड़ी चुनौती रहा है। आंकड़ों पर नजर डालें तो टीम के सबसे अनुभवी खिलाड़ी और रन मशीन कहे जाने वाले विराट कोहली ने यहां अब तक 3 वनडे मैच खेले हैं, लेकिन उनके बल्ले से महज 77 रन ही निकले हैं। हैरानी की बात यह है कि दुनिया के हर कोने में शतक जड़ने वाले कोहली यहां एक अर्धशतक तक नहीं लगा सके हैं। वहीं, कप्तान रोहित शर्मा की हालत तो और भी ज्यादा खराब नजर आती है।

रोहित ने इस मैदान पर दो वनडे मैचों में सिर्फ 15 रन बनाए हैं। मध्यक्रम के भरोसेमंद बल्लेबाज केएल राहुल का रिकॉर्ड भी यहां शर्मनाक है, जो इस मैदान पर अपने एकमात्र मैच में खाता तक नहीं खोल पाए थे। ऐसे में इन अनुभवी दिग्गजों पर लॉर्ड्स के इस ‘शाप’ को तोड़ने का भारी दबाव होगा।

सिर्फ अनुभवी ही नहीं, बल्कि टीम की युवा ब्रिगेड के लिए भी यह मुकाबला किसी कड़ी परीक्षा से कम नहीं होने वाला है। शुभमन गिल, श्रेयस अय्यर, ईशान किशन, शिवम दुबे और अक्षर पटेल जैसे खिलाड़ियों के पास इस ऐतिहासिक मैदान पर वनडे खेलने का कोई अनुभव नहीं है।

हालांकि शुभमन गिल यहां साल 2025 में एक टेस्ट मैच खेल चुके हैं, लेकिन वहां भी उनकी बल्लेबाजी बेअसर रही थी और वह दोनों पारियों को मिलाकर केवल 22 रन ही बना पाए थे। ऐसे में टीम का एक बड़ा हिस्सा लॉर्ड्स की परिस्थितियों से पूरी तरह अनजान है, जो निर्णायक मैच में भारत के लिए जोखिम भरा साबित हो सकता है।

मौजूदा सीरीज में खिलाड़ियों की फॉर्म की बात करें तो भारतीय खेमे से मिले-जुले संकेत मिल रहे हैं। विराट कोहली ने दूसरे मैच में 65 रनों की पारी खेलकर अपनी लय में लौटने के संकेत दिए हैं, जबकि शुभमन गिल (80 और 31 रन) और श्रेयस अय्यर (35 और 66 रन) अच्छी बल्लेबाजी कर रहे हैं।

लेकिन सबसे बड़ी फिक्र कप्तान रोहित शर्मा को लेकर है। रोहित इस पूरी सीरीज में अब तक संघर्ष करते दिखे हैं और दो पारियों में उनके बल्ले से केवल 37 रन निकले हैं। लॉर्ड्स के मैदान पर अगर भारत को सीरीज पर कब्जा जमाना है, तो रोहित शर्मा को अपनी खराब फॉर्म और इस मैदान के खराब इतिहास, दोनों को पीछे छोड़ना होगा