Education news।रायपुर। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने 9वीं और 10वीं कक्षा की विषय योजना में बड़ा बदलाव किया है। नए बदलावों के तहत शैक्षणिक सत्र 2027-28 में 10वीं कक्षा में पहुंचने वाले विद्यार्थियों को अब पर्यावरण शिक्षा नहीं पढ़नी होगी। बोर्ड ने अंतरविषयी क्षेत्र को लागू करने की निर्धारित समय-सारणी के अनुरूप यह निर्णय लिया है।

मिली जानकारी मुताबिक वर्तमान शैक्षणिक सत्र 2026-27 में 9वीं कक्षा में पढ़ रहे विद्यार्थियों के पाठ्यक्रम से इंडिविजुअल्स इन सोसाइटी विषय के साथ-साथ माड्यूल ऑफ कम्प्यूटेशनल थिंकिंग और कृत्रिम बुद्धिमत्ता को भी हटा दिया गया है। वर्तमान में 10वीं कक्षा में पढ़ रहे विद्यार्थियों पर ये नए बदलाव लागू नहीं होंगे, उनके लिए पुरानी विषय योजना ही जारी रहेगी।

बोर्ड के अनुसार, शैक्षणिक सत्र 2027-28 से 10वीं की बोर्ड परीक्षा के लिए कुल पांच विषय अनिवार्य होंगे। सभी विद्यार्थियों को इन पांच विषयों की बोर्ड परीक्षा पास करनी होगी। पहली (आर-1), दूसरी भाषा (आर-2), गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान और इन मुख्य विषयों के अलावा छात्रों को एक वैकल्पिक विषय चुनने की भी छूट होगी।

विद्यार्थी वैकल्पिक रूप से उन्नत गणित, उन्नत विज्ञान या व्यावसायिक शिक्षा के तहत 22 कौशल विषयों में से किसी एक का चयन कर सकेंगे। सूचना प्रौद्योगिकी, एआई डाटा साइंस, हेल्थ केयर, कृषि, बैंकिंग एवं बीमा, पर्यटन, खुदरा कारोबार सुरक्षा, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं हार्डवेयर और डिजाइन थिंकिंग एवं नवाचार।

साथ कौशल विकास विषय चुनने वाले विद्यार्थियों का मूल्यांकन स्कूल स्तर पर ही किया जाएगा, इसके लिए बोर्ड परीक्षा नहीं देनी होगी।

मिली जानकारी मुताबिक सीबीएसई ने 10वीं के रिजल्ट के लिए विषय प्रतिस्थापन का स्पष्ट नियम भी जारी किया है। यदि कोई विद्यार्थी गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान में से किसी एक विषय में 33ः अंक प्राप्त नहीं कर पाता है, लेकिन उसने चुने हुए कौशल विषय में उत्तीर्ण अंक प्राप्त कर लिया है, तो नियमानुसार उस मुख्य विषय को कौशल विषय से बदला जा सकता है।