बिलासपुर। शहर के व्यस्त गांधी चौक में गुरुवार दोपहर करीब 3 बजे उस समय अफरातफरी मच गई, जब एक महिला अचानक सड़क के बीच पहुंचकर हंगामा करने लगी। महिला करीब आधे घंटे तक यातायात बाधित करती रही। वह राह चलते लोगों को गालियां दे रही थी और हाथ में पत्थर व डंडा लेकर वाहनों की ओर दौड़ रही थी। इस दौरान आसपास खड़े कुछ वाहनों के कांच भी टूट गए। लगातार हो रहे पथराव से आसपास के लोगों और व्यापारियों में आक्रोश बढ़ता गया और लोग महिला को घेरकर खड़े हो गए।

स्थिति बिगड़ती देख युवा सर्राफा व्यवसायी रौनक साव बिना देर किए गांधी चौक पहुंचे और महिला को पकड़कर लोगों से दूर किया। उन्होंने महिला को अपने कब्जे में लेकर आगे किसी पर पथराव करने से रोका। भीड़ के आक्रोश के बीच रौनक साहू ने लोगों को समझाया कि महिला की हालत सामान्य नहीं लग रही है और उसके साथ मारपीट करने के बजाय पुलिस को सूचना देना जरूरी है। इसके बाद उन्होंने तत्काल डायल 112 पर फोन किया।

गांधी चौक शहर का प्रमुख व्यावसायिक और यातायात केंद्र है। एक ओर से रास्ता पुराने हाईकोर्ट की तरफ जाता है, जबकि दूसरी दिशा में जांजगीर-चांपा और गोल बाजार की ओर जाने वाला मार्ग है। गांधी प्रतिमा के आसपास लगातार वाहनों और लोगों की आवाजाही रहती है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार महिला कभी एक तरफ तो कभी दूसरी तरफ दौड़ रही थी और बीच सड़क पर खड़े होकर आने-जाने वालों को गालियां दे रही थी। पत्थर लेकर वह बाइक सवारों की ओर भी दौड़ती रही, जिससे कई लोग बचकर निकलते नजर आए।

हंगामे के दौरान महिला ने आसपास खड़े वाहनों पर पत्थर और डंडे से वार किया, जिससे कुछ वाहनों के शीशे क्षतिग्रस्त हो गए। इससे व्यापारियों में आक्रोश बढ़ गया और स्थिति तनावपूर्ण होने लगी। कुछ लोगों ने महिला के साथ मारपीट करने की कोशिश भी की, लेकिन रौनक साहू ने उन्हें रोकते हुए पुलिस के आने तक संयम बरतने को कहा।

डायल 112 की सूचना पर सिटी कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और महिला को अपने साथ ले गई। पूछताछ के दौरान महिला अपना नाम और पता नहीं बता सकी। पुलिस अब उसकी पहचान और उसके परिजनों की जानकारी जुटाने का प्रयास कर रही है। महिला की स्थिति को देखते हुए उसके साथ आगे की कार्रवाई पुलिस स्तर पर की जाएगी।

इस पूरे घटनाक्रम में युवा सर्राफा व्यवसायी रौनक साव का तत्काल हस्तक्षेप खास तौर पर सामने आया। उन्होंने एक ओर महिला को भीड़ के आक्रोश से बचाया, वहीं दूसरी ओर उसके हाथ से पत्थर और डंडा हटाकर राहगीरों और वाहन चालकों को संभावित चोट से बचाने में मदद की। इसके बाद पुलिस को सूचना देकर महिला को उसके हवाले कर दिया।