बिलासपुर… दो साल तक बाबा का भेष धारण कर गांव-गांव घूमता रहा, लोगों से भिक्षा मांगकर जीवन गुजारता रहा और अपनी पहचान छिपाए रखी। वेश ऐसा बदला कि गांव के लोग भी उसे पहचान नहीं पा रहे थे। लेकिन बिल्हा रेलवे स्टेशन पर उसकी यह तरकीब आखिरकार काम नहीं आई। मतदाता पहचान पत्र में लगी तस्वीर से चेहरा मिलाया गया और बाबा के भेष में घूम रहे व्यक्ति की असल पहचान सामने आ गई। वह मारपीट के मामले में पुलिस का स्थायी वारंटी जगदीश बांधे निकला। बिल्हा पुलिस ने उसे पकड़ने के साथ आबकारी मामले में फरार स्थायी वारंटी मनोज टंडन को भी गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है।

बाबा का भेष, बदली पहचान; लेकिन खोल दिया राज

पुलिस के अनुसार, देवकिरारी निवासी जगदीश बांधे (50) मारपीट के एक मामले में करीब दो साल से पुलिस की पकड़ से बाहर था। इस दौरान वह बाबा की वेशभूषा धारण कर दूसरे गांवों में घूमता और भिक्षा मांगकर जीवनयापन करता रहा। भेष बदलने के कारण उसकी पहचान करना मुश्किल हो रहा था। पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी और इसी क्रम में ग्राम सरपंच से उसके मतदाता पहचान पत्र की जानकारी हासिल की गई।

17 अक्टूबर को जगदीश बांधे बाबा के भेष में बिल्हा रेलवे स्टेशन पर घूमता मिला। पुलिस ने मतदाता पहचान पत्र पर लगी तस्वीर से उसका मिलान किया। पहचान की पुष्टि होते ही उसे पकड़कर थाने लाया गया। लंबे समय से पहचान छिपाकर रह रहे स्थायी वारंटी तक पहुंचने में मतदाता पहचान पत्र की तस्वीर अहम साबित हुई।

आबकारी मामले का वारंटी भी पकड़ाया

अभियान के दौरान पुलिस ने इंद्रपुरी, तिफरा निवासी मनोज टंडन को भी पकड़ा। वह आबकारी से जुड़े मामले में स्थायी वारंटी था। पुलिस ने दोनों को न्यायालय में पेश किया। पुलिस के मुताबिक, स्थायी वारंटों की तामिली के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत बिल्हा पुलिस ने एक सप्ताह के भीतर छह स्थायी वारंटों की तामिली की है।

ऑपरेशन बाज के तहत कार्रवाई

यह कार्रवाई पुलिस उपमहानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देश पर की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मधुलिका सिंह और नगर पुलिस अधीक्षक चकरभाठा राजेश जोशी के मार्गदर्शन में थाना स्तर पर टीम गठित कर स्थायी वारंटियों की तलाश की जा रही थी। कार्रवाई में प्रशिक्षु उप निरीक्षक आकाश कुमार बंजारे, निरीक्षक तोपसिंह नवरंग और आरक्षक प्रताप साहू की भूमिका रही। पुलिस ने स्थायी वारंटों की तामिली के लिए अभियान जारी रखने की बात कही है।