बिलासपुर। बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला की ध्वज यात्रा अब राजनीतिक सवालों के घेरे में है। कांग्रेस नेता और पूर्व जिला पंचायत सभापति अंकित गौरहा ने विधायक के उस दावे पर सवाल उठाए हैं, जिसमें उन्होंने सात दिवसीय यात्रा को राजनीतिक गतिविधि से अलग बताते हुए आध्यात्मिक आयोजन करार दिया था। गौरहा का सवाल है कि जब यात्रा का मकसद केवल आस्था और मां महामाया से क्षेत्र के विकास का आशीर्वाद मांगना है, तो फिर इसके प्रचार में विधायक की राजनीतिक पहचान और भाजपा का नाम प्रमुखता से क्यों दिखाया जा रहा है?

गौरहा ने तंज कसते हुए कहा कि विधायक पहले यह तय कर लें कि वे पंचायतों का दौरा कर रहे हैं या ध्वज यात्रा निकाल रहे हैं। कभी कार्यक्रम को क्षेत्रीय दौरा बताया जाता है, तो कभी धार्मिक यात्रा। आखिर इस आयोजन का वास्तविक स्वरूप क्या है? गौरहा के मुताबिक, विधायक के दावे और प्रचार सामग्री का स्वरूप अलग-अलग कहानी बयां कर रहे हैं।

 राजनीतिक पहचान का प्रचार क्यों?

गौरहा ने कहा कि विधायक सुशांत शुक्ला ने पत्रकारों से कहा था कि ध्वज यात्रा में पार्टी और राजनीति का कोई स्थान नहीं होगा तथा इसमें कोई भी आस्थावान व्यक्ति शामिल हो सकता है। यात्रा के जरिए मां महामाया से क्षेत्र के विकास का आशीर्वाद मांगने की बात भी कही गई थी। गौरहा का सवाल है कि जब आयोजन को राजनीति से अलग रखने की बात कही गई, तो प्रचार में भाजपा और विधायक की राजनीतिक पहचान को प्रमुखता देने का औचित्य क्या है?

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि धार्मिक आयोजन को गैर-राजनीतिक बताने के बावजूद उसके प्रचार में राजनीतिक पहचान उभरकर सामने आ रही है। उन्होंने कहा कि आस्था व्यक्तिगत और सामाजिक विश्वास का विषय है, लेकिन जब कोई जनप्रतिनिधि सार्वजनिक रूप से किसी आयोजन का नेतृत्व करता है, तो उसके स्वरूप और प्रचार पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

मां महामाया का नाम, जवाबदेही विधायक की

गौरहा ने कहा कि मां महामाया के प्रति आस्था पर किसी को आपत्ति नहीं हो सकती। सवाल यह है कि धार्मिक यात्रा, पंचायतों के दौरे और राजनीतिक प्रचार के बीच की रेखा आखिर कहां है? विधायक को स्पष्ट करना चाहिए कि यात्रा का उद्देश्य क्या है और इसे किस रूप में जनता के सामने रखा जा रहा है।

उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि मां महामाया के दरबार में उनकी यही प्रार्थना है कि सच्चे जनसेवकों को जनसेवा का मार्ग मिले और मां के नाम पर राजनीति करने वालों को राजनीति का वास्तविक उद्देश्य समझने की सद्बुद्धि मिले।

ध्वज यात्रा पर गौरहा के सवालों ने बेलतरा में धार्मिक आयोजन के प्रचार को लेकर राजनीतिक बहस खड़ी कर दी है। अब निगाहें विधायक सुशांत शुक्ला के जवाब पर हैं।