बिलासपुर। शहर में सब्जी कारोबार से जुड़े और भारतीय जनता पार्टी के प्रमुख स्थानीय नेताओं में गिने जाने वाले नगर निगम की मेयर इन काउंसिल (एमआईसी) के सदस्य बंधु मौर्य के बेटे पर तिफरा थोक सब्जी मंडी में हमला किए जाने का मामला गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। बंधु मौर्य का आरोप है कि पुराने विवाद को अदालत के बाहर समझौते से खत्म करने की बातचीत चल रही थी, लेकिन इसी बीच उनके बेटे श्रीकांत मौर्य को मंडी में घेरकर मारपीट की गई। बंधु मौर्य ने इसे दबाव बनाने की कोशिश बताया है। घटना के संबंध में सिरगिट्टी पुलिस ने सात नामजद लोगों समेत अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की है।

मामले की गंभीरता इसलिए भी बढ़ जाती है कि विवाद का संबंध करीब एक साल पुराने उस घटनाक्रम से बताया जा रहा है, जिसमें भाजपा नेता राजू सोनकर का नाम सामने आया था। बंधु मौर्य के मुताबिक, उस पुराने मामले में राजू सोनकर की गिरफ्तारी हुई थी। गिरफ्तारी से पहले वह भाजपा के बेलतरा मंडल के अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के अध्यक्ष थे। पुराने मामले में राजू सोनकर और अन्य लोगों की भूमिका को लेकर लगाए गए आरोपों तथा मौजूदा घटना के बीच संबंध की पुष्टि पुलिस जांच और न्यायालयीन रिकॉर्ड से होना जरूरी है।

समझौते की बात,अकेले में बैठने से किया इनकार

बंधु मौर्य के मुताबिक, पुराने मामले में अगली पेशी 3 नवंबर को निर्धारित है। पिछली पेशी के दौरान दूसरे पक्ष की ओर से समझौते की बात रखी गई थी। उन्होंने इस पर अकेले में समझौता करने से इनकार करते हुए कहा था कि विवाद खत्म करना है तो जिम्मेदार लोगों की मौजूदगी में बातचीत होनी चाहिए।

बंधु मौर्य ने फल-सब्जी मंडी के पदाधिकारी अनिल सलूजा को मध्यस्थता में शामिल करने का प्रस्ताव रखा था। उनका कहना था कि मामला बेलतरा विधानसभा क्षेत्र से जुड़ा है, इसलिए विधायक सुशांत शुक्ला और अन्य वरिष्ठ लोगों की मौजूदगी में बातचीत करना बेहतर होगा। बंधु मौर्य के मुताबिक, समझौते का उद्देश्य भविष्य में विवाद और मारपीट की पुनरावृत्ति रोकना होना चाहिए। इसी वजह से उन्होंने स्पष्ट किया था कि केवल दबाव में या बंद कमरे में समझौता करना उचित नहीं होगा।

मंडी में घेरकर हमला ,दबाव की आशंका

बंधु मौर्य का आरोप है कि समझौते की बातचीत के बीच उनके बेटे श्रीकांत मौर्य पर तिफरा थोक सब्जी मंडी में कई लोगों ने एक साथ हमला किया। उनके मुताबिक, पहले गाली-गलौज हुई और फिर मारपीट शुरू कर दी गई। घटना के दौरान मंडी में लोगों की भीड़ जुट गई। बंधु मौर्य ने आरोप लगाया कि यह हमला दबाव बनाने के उद्देश्य से किया गया और इसके लिए पहले से योजना बनाई गई थी। उन्होंने दूसरे पक्ष के लोगों को आदतन बदमाश भी बताया है।

हालांकि, हमले की पूर्व योजना और समझौते की बातचीत के बीच सीधे संबंध की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। यही वह बिंदु है, जिसकी जांच इस मामले को केवल मारपीट की प्राथमिकी से आगे ले जाकर पुराने विवाद की पृष्ठभूमि समझने के लिए महत्वपूर्ण होगी।

FIR में 7 नाम, मारपीट के आरोप

श्रीकांत मौर्य की शिकायत के मुताबिक, घटना 18 अक्टूबर 2026 को सुबह करीब 9:45 बजे तिफरा सब्जी मंडी में हुई। शिकायत में बाकेलाल सोनकर, प्रवीण सोनकर, अभिषेक सोनकर, रूपेश बोले उर्फ चु, महेश्वर आप्पू केशरी, निहाल, राज सोनकर और अन्य लोगों के नाम दर्ज हैं। आरोप है कि पुराने विवाद को लेकर गाली-गलौज करने के बाद मारपीट की गई और जान से मारने की धमकी दी गई।

सिरगिट्टी पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 296, 351(2), 115(2) और 191(2) के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। प्राथमिकी दर्ज होना आरोपों की न्यायिक पुष्टि नहीं है। मामले में प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

पुराने हमले से अब तक नहीं टूटा विवाद का सिलसिला?

बंधु मौर्य के मुताबिक, करीब एक साल पहले भी उन पर हमला हुआ था। उस मामले में राजू सोनकर और अन्य लोगों को लेकर आरोप लगाए गए थे। मारपीट के साथ लूटपाट के आरोप भी सामने आए थे। बंधु मौर्य का कहना है कि मौजूदा विवाद उसी पुराने घटनाक्रम से जुड़ा है।

पुराने मामले में राजू सोनकर की गिरफ्तारी और गिरफ्तारी से पहले भाजपा के बेलतरा मंडल के अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के अध्यक्ष के रूप में उनकी भूमिका इस घटनाक्रम की राजनीतिक पृष्ठभूमि का अहम हिस्सा है। हालांकि, पुराने मामले की वर्तमान न्यायालयीन स्थिति, आरोपपत्र और आरोपितों के खिलाफ दर्ज आरोपों की पुष्टि संबंधित अभिलेखों से किया जाना जरूरी है।

अब जांच के सामने कई सवाल

क्या ताजा मारपीट का पुराने मामले से सीधा संबंध है? क्या समझौते की बातचीत के दौरान वास्तव में दबाव बनाया जा रहा था? मंडी में हुए घटनाक्रम में किसने क्या भूमिका निभाई? और क्या हमले से पहले कोई योजना बनाई गई थी? इन सवालों के जवाब पुलिस जांच से सामने आने हैं।

बंधु मौर्य जैसे स्थानीय भाजपा नेता और सब्जी कारोबार से जुड़े व्यक्ति के परिवार पर मंडी में हमले का आरोप सार्वजनिक सुरक्षा और कारोबारी माहौल के लिहाज से भी गंभीर है। फिलहाल पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया है। दूसरे पक्ष का बयान और जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि घटना के पीछे तत्काल विवाद था या पुराने मामले की रंजिश ने फिर हिंसक रूप ले लिया।