सूरजपुर/बलरामपुर: छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग से मॉनसून की बारिश के बीच दो बेहद चिंताजनक खबरें सामने आई हैं। एक ओर जहां सूरजपुर जिले में एक क्षतिग्रस्त रपटे (पुलिया) के कारण स्कूली बच्चे और ग्रामीण उफनते नाले को पार करने के लिए मजबूर हैं।

वहीं दूसरी ओर बलरामपुर जिले में नदी में नहाने गया एक १२ वर्षीय मासूम गहरे पानी में समा गया। इन घटनाओं ने ग्रामीण इलाकों में मानसूनी सीजन के दौरान नदी-नालों के पास सुरक्षा और बुनियादी ढांचे की बदहाली को एक बार फिर उजागर कर दिया है।

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पहली घटना सूरजपुर जिला मुख्यालय से करीब ४० किलोमीटर दूर खड़गवा-सोनगरा मार्ग की है। यहाँ सुखदेवपुर नाले पर बना रपटा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि इस मार्ग से गुजरने वाले भारी-भरकम कोयला लदे वाहनों के अत्यधिक दबाव के कारण यह पुलिया मई महीने में ही टूट गई थी।

इसके बाद से अब तक इसकी मरम्मत नहीं की गई है, जिसके चलते अब लोगों को उफनते नाले के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है।

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सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों को हो रही है। जब नाले में पानी का बहाव तेज होता है, तो मजबूरन माता-पिता को अपने बच्चों को पीठ पर बैठाकर जान जोखिम में डालते हुए इस छोर से उस छोर ले जाना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि खतरा हर वक्त बना रहता है, लेकिन गांव से बाहर जाने का कोई दूसरा रास्ता न होने के कारण वे इस जानलेवा सफर को तय करने के लिए विवश हैं।

इस संवेदनशील मामले पर संज्ञान लेते हुए सूरजपुर कलेक्टर रेना जमील ने बताया कि प्रशासन को इस समस्या की पूरी जानकारी है। संबंधित लोक निर्माण विभाग को तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था करने के कड़े निर्देश दिए जा चुके हैं। वैकल्पिक राहत के रूप में रपटा पुल का निर्माण कार्य भी शुरू करा दिया गया है, ताकि ग्रामीणों और स्कूली बच्चों को आवागमन में किसी भी प्रकार की जानलेवा दिक्कतों का सामना न करना पड़े।

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दूसरी दर्दनाक दुर्घटना पड़ोसी जिले बलरामपुर के विजयनगर क्षेत्र से सामने आई है, जहाँ नदी में नहाने के दौरान डूबने से एक बच्चे की अकाल मौत हो गई। पुलिस और परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, १२ वर्षीय विनोद यादव अपने कुछ दोस्तों के साथ गांव के पास से गुजरने वाली बांकी नदी में नहाने के लिए गया था। नहाने के दौरान बच्चा अचानक गहरे पानी की चपेट में आ गया और तेज बहाव के कारण खुद को संभाल नहीं पाया।

मृतक बच्चे के पिता पेशे से अतिथि शिक्षक हैं। हादसे की सूचना मिलते ही विजयनगर चौकी प्रभारी अश्विनी सिंह पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। पुलिस ने स्थानीय गोताखोरों की मदद से बच्चे को पानी से बाहर निकाला, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी और डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम (PM) कराने के बाद उसे अंतिम संस्कार के लिए शोकाकुल परिजनों को सौंप दिया है। इस हादसे के बाद से पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है, वहीं पुलिस ने इस मानसूनी सीजन में पालकों से अपने बच्चों को नदी-नालों से दूर रखने की अपील की है।