“बिलासपुर अलर्ट मोड में: कप्तान की अगुवाई में देर रात तक चला अभियान… अपराधियों के होश फ़ाख्ता”
SSP रजनेश सिंह ने शहरवासियों से अपील किया की किसी भी संदिग्ध व्यक्ति, वस्तु या गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें। सुरक्षा तभी मजबूत होती है जब पुलिस और जनता दोनों साझेदारी में खड़े हों।किसी भी कीमत पर शहर की शांति और नागरिकों की सुरक्षा से समझौता नहीं किया जाएगा।

बिलासपुर..दिल्ली मेट्रो ट्रेन ब्लास्ट हादसे के बाद देशभर की सुरक्षा एजेंसियाँ अलर्ट पर हैं। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ पुलिस भी पूरी तरह सतर्क हो गई है, और बिलासपुर पुलिस ने देर शाम से रात तक सघन चेकिंग अभियान चलाया।पुलिस कप्तान रजनेश सिंह स्वयं मैदान में उतरे और शहर के प्रमुख स्थलों — रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, हाईकोर्ट मार्ग, एयरपोर्ट रोड और भीड़भाड़ वाले बाजारों का निरीक्षण किया।
फुट पेट्रोलिंग और नाकेबंदी
कप्तान रजनेश सिंह के नेतृत्व में हर थाने की टीमों ने मुख्य मार्गों पर नाकेबंदी और वाहनों की तलाशी की। पुलिस ने होटल, लॉज और सार्वजनिक ठिकानों पर पहचान पत्रों की जांच की। रेलवे स्टेशन परिसर में बम स्क्वॉड और डॉग स्क्वॉड की टीमें तैनात रहीं, जबकि प्लेटफॉर्मों और यात्री ट्रेनों की निगरानी लगातार जारी रही। कप्तान ने कहा—यह रूटीन चेकिंग नहीं, बल्कि एक सतत प्रक्रिया है ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि को तुरंत पहचाना जा सके। हमारा उद्देश्य है कि नागरिकों को सुरक्षा का भरोसा मिले, भय का वातावरण नहीं बने।”
संवेदनशील इलाकों पर विशेष निगरानी
सिविल लाइन्स, नेहरू चौक, बस स्टैंड और तिफरा क्षेत्र में देर रात तक पुलिस की फुट पेट्रोलिंग चलती रही। कप्तान ने खुद थाना चौकियों का निरीक्षण किया और जवानों को सतर्क रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा—भीड़भाड़ वाले इलाकों में हर व्यक्ति और वाहन की निगरानी की जा रही है ताकि कोई भी गतिविधि पुलिस की नजर से छूट न सके।”
कप्तान मैदान में , अभियान को ताकत
रात करीब साढ़े नौ बजे कप्तान रजनेश सिंह बिलासपुर रेलवे स्टेशन पहुंचे। उन्होंने यात्रियों से संवाद किया, चेकिंग पॉइंट्स का निरीक्षण किया और अधिकारियों को निर्देश दिया—कोई भी संदिग्ध व्यक्ति या वस्तु नजर आते ही तत्काल कार्रवाई करें। किसी भी यात्री को अनावश्यक परेशानी न हो, पर सतर्कता में ढिलाई भी न बरती जाए। कप्तान की फील्ड मौजूदगी ने अभियान को गंभीरता और दिशा दी।
रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर सघन जांच
दक्षिण-पूर्व मध्य रेलवे के मुख्यालय बिलासपुर का स्टेशन सुरक्षा की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील माना जाता है। यहां से हावड़ा, मुंबई, दिल्ली और दक्षिण भारत को जोड़ने वाली सैकड़ों ट्रेनें रोज़ गुजरती हैं। एहतियात के तौर पर जीआरपी और सिविल पुलिस की संयुक्त टीमों ने प्लेटफॉर्म से लेकर वेटिंग हॉल और टिकट काउंटर तक यात्रियों, लगेज और संदिग्ध वस्तुओं की जांच की। होटलों और लॉजों में किरायेदार सत्यापन अभियान भी चलाया गया। बस स्टैंड और प्रमुख चौक-चौराहों पर पुलिस की फुट पेट्रोलिंग लगातार जारी रही।
तकनीकी और मानव निगरानी
शहर में लगे सीसीटीवी कैमरों को कंट्रोल रूम से जोड़ा गया, और हर थाने से फील्ड रिपोर्ट हर घंटे मांगी गई। मुख्य बाजार, कोर्ट, एयरपोर्ट और हाईकोर्ट परिसर में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। रात ढलते ही पुलिसकर्मियों के बूटों की आहट और सायरनों की गूंज शहर में सुरक्षा की मौजूदगी का एहसास कराती रही।
यात्रियों और नागरिकों ने जताया भरोसा
अभियान के दौरान यात्रियों और नागरिकों ने पुलिस की तत्परता की सराहना की। लोगों ने कहा कि इस तरह की चेकिंग से यात्रा के दौरान सुरक्षा का भरोसा और बढ़ा है। कई नागरिकों ने यह भी कहा कि पुलिस कप्तान की स्वयं मौजूदगी से अभियान की गंभीरता और विश्वास दोनों बढ़े हैं।
कप्तान की अपील — सतर्क रहें, सहयोग करें
रजनेश सिंह ने शहरवासियों से अपील किया की किसी भी संदिग्ध व्यक्ति, वस्तु या गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें। सुरक्षा तभी मजबूत होती है जब पुलिस और जनता दोनों साझेदारी में खड़े हों।किसी भी कीमत पर शहर की शांति और नागरिकों की सुरक्षा से समझौता नहीं किया जाएगा।









