LIVE UPDATE
Bilaspur

“मंजूरी 4 की, खनन 24 जगह—कौन जिम्मेदार? CM आदेश पर कार्रवाई का कांग्रेस नेता ने किया स्वागत…मांगा निर्णायक एक्शन

“17 मौतें… फिर भी सिस्टम मौन? खनन माफिया पर आखिर कार्रवाई कब!”

बिलासपुर: बेलतरा क्षेत्र में अवैध खनन को लेकर हालात एक बार फिर विस्फोटक मोड़ पर हैं। हाल की दर्दनाक घटना के बाद प्रशासन और खनिज विभाग की भूमिका पर सीधे सवाल उठ रहे हैं—क्या हर बार सख्ती किसी हादसे के बाद ही दिखेगी?

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर कलेक्टर के मार्गदर्शन में पुलिस, राजस्व और खनिज विभाग की संयुक्त टीम गठित करने की घोषणा की गई है। कागजों पर यह फैसला सख्त नजर आता है, लेकिन जमीनी अमल को लेकर लोगों में संदेह बरकरार है।

इस मुद्दे को लगातार उठाने वाले कांग्रेस नेता अंकित गौरहा ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर तीखा सवाल दागा है। उनका कहना है कि बेलतरा में लंबे समय से खनन माफियाओं का दबदबा है और पहले भी सरवन देवरी रेत घाट में नायब तहसीलदार राहुल साहू पर जानलेवा हमले की कोशिश हुई, लेकिन तब भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं दिखी।

गौरहा ने नाबालिग अमित कश्यप की मौत का जिक्र करते हुए कहा—अगर समय रहते सख्ती होती, तो शायद एक जान बच सकती थी। उनका आरोप है कि लगातार घटनाओं के बावजूद जिम्मेदार विभागों ने गंभीरता नहीं दिखाई, जिससे क्षेत्र में आक्रोश बढ़ता गया।

आंकड़े भी स्थिति की गंभीरता को उजागर करते हैं। पिछले तीन वर्षों में अवैध खनन से जुड़े हादसों में 17 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें बड़ी संख्या बच्चों और युवाओं की है। जिले में जहां सिर्फ 4 रेत घाट अधिकृत हैं, वहीं जमीनी हकीकत में 24 से ज्यादा स्थानों पर अवैध खनन धड़ल्ले से जारी है।

गौरहा ने मुख्यमंत्री के फैसले का स्वागत करते हुए साफ कहा कि अगर संयुक्त टीम निष्पक्ष और प्रभावी कार्रवाई करती है, तो वे स्वयं सरकार और प्रशासन का आभार जताएंगे। लेकिन यदि यह कदम केवल औपचारिकता बनकर रह गया, तो कांग्रेस इस मुद्दे को और तीव्रता से जनता के बीच उठाएगी।

इधर, ग्रामीणों की चिंता भी लगातार बढ़ रही है। उनका कहना है कि अवैध खनन अब सिर्फ संसाधनों की लूट नहीं, बल्कि जनजीवन के लिए खतरा बन चुका है। तेज रफ्तार डंपर, असुरक्षित खनन और प्रशासनिक उदासीनता ने कई परिवारों को नुकसान पहुंचाया है।

अब नजर इस बात पर टिकी है कि घोषित कार्रवाई जमीनी असर दिखाती है या नहीं। बेलतरा में खनन माफियाओं पर लगाम लगेगी या नहीं—यह सवाल अभी भी खुला है, लेकिन इस बार जवाब का इंतजार पूरे क्षेत्र को है।

Bhaskar Mishra

पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग 16 साल का अनुभव।विभिन्न माध्यमों से पत्रकारिता के क्षेत्र मे काम करने का अवसर मिला।यह प्रयोग अब भी जारी है।कॉलेज लाइफ के दौरान से पत्रकारिता से गहरा जुड़ाव हुआ।इसी दौरान दैनिक समय से जुडने का अवसर मिला।कहानी,कविता में विशेष दिलचस्पी ने पहले तो अधकचरा पत्रकार बनाया बाद में प्रदेश के वरिष्ठ और प्रणम्य लोगों के मार्गदर्शन में संपूर्ण पत्रकारिता की शिक्षा मिली। बिलासपुर में डिग्री लेने के दौरान दैनिक भास्कर से जु़ड़ा।2005-08 मे दैनिक हरिभूमि में उप संपादकीय कार्य किया।टूडे न्यूज,देशबन्धु और नवभारत के लिए रिपोर्टिंग की।2008- 11 के बीच ईटीवी हैदराबाद में संपादकीय कार्य को अंजाम दिया।भाग दौड़ के दौरान अन्य चैनलों से भी जुडने का अवसर मिला।2011-13 मे बिलासपुर के स्थानीय चैनल ग्रैण्ड न्यूज में संपादन का कार्य किया।2013 से 15 तक राष्ट्रीय न्यूज एक्सप्रेस चैनल में बिलासपुर संभाग व्यूरो चीफ के जिम्मेदारियों को निभाया। 1998-2000 के बीच आकाशवाणी में एनाउँसर-कम-कम्पियर का काम किया।वर्तमान में www.cgwall.com वेबपोर्टल में संपादकीय कार्य कर रहा हूं।
Back to top button
close