बिलासपुर..साइबर ठगी की रकम बैंक खातों में जमा कराने और फिर एटीएम व यूपीआई के जरिए निकालकर आपस में बांटने के मामले में सरकंडा पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस की जांच में आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के एक खाते से जुड़ी 11 साइबर ठगी की शिकायतें सामने आई हैं। यह खाता ‘साहू बिल्डिंग मटेरियल सप्लायर’ के नाम पर संचालित था। मामले में एक अन्य आरोपी फरार है, जिसकी तलाश की जा रही है।

पुलिस के मुताबिक, पुलिस मुख्यालय और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर फर्जी व संदिग्ध बैंक खातों की जांच के दौरान भारत सरकार के पुलिस पोर्टल समन्वय तंत्र से आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के खाता 10216095723 की जानकारी मिली। पोर्टल पर दर्ज शिकायतों की पड़ताल में इस खाते में साइबर ठगी की रकम जमा होने और उसके आगे हस्तांतरित किए जाने की जानकारी सामने आई। जांच में खाते का संबंध सेमरताल निवासी संजय कुमार साहू से मिला, जो ‘साहू बिल्डिंग मटेरियल सप्लायर’ का संचालक है।

बैंक खातों के जरिए रकम निकालने का आरोप

पुलिस के अनुसार, संजय कुमार साहू ने अपने एक साथी के साथ मिलकर कथित तौर पर साइबर ठगी की रकम को ठिकाने लगाने की व्यवस्था बनाई थी। आरोप है कि लोगों को अलग-अलग प्रलोभन देकर या साइबर धोखाधड़ी के माध्यम से उनके खातों से रकम निकलवाई जाती थी। इसके बाद रकम आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और भारतीय स्टेट बैंक के खातों में जमा कराई जाती थी। बाद में यूपीआई और एटीएम के माध्यम से रकम निकालकर आपस में बांट ली जाती थी।

घेराबंदी कर पकड़ा, बैंक खातों से जुड़े दस्तावेज जब्त

मामले में सरकंडा थाने में अपराध दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 61(2), 317(5), 318(4), 323 और 3(5) तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66-डी के तहत जांच की जा रही है। पुलिस ने संजय कुमार साहू को तलाश के बाद घेराबंदी कर हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान पुलिस ने उसके अपने साथी के साथ मिलकर अपराध में शामिल होने की बात स्वीकार करने का दावा किया है। प्रकरण से संबंधित आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और भारतीय स्टेट बैंक के खाते भी जब्ती में लिए गए हैं।

पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने के बाद रिमांड पर भेज दिया है। फरार साथी की तलाश जारी है।

यह कार्रवाई पुलिस उपमहानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर पंकज पटेल और नगर पुलिस अधीक्षक सरकंडा तिलेश्वर प्रसाद यादव के मार्गदर्शन तथा थाना प्रभारी प्रदीप कुमार आर्य के नेतृत्व में की गई।