बिलासपुर…स्कूल शिक्षा विभाग के बहुचर्चित युक्तियुक्तकरण और पदोन्नति मामले में निलंबित जूनियर ऑडिटर सुनील कुमार यादव को हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली। निलंबन के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान अदालत ने विभागीय अपील का विकल्प अपनाने की बात कही। इसके बाद याचिकाकर्ता ने याचिका वापस ले ली।

जस्टिस बी.डी. गुरु की एकलपीठ में हुई सुनवाई के दौरान शासन की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता यशवंत सिंह ठाकुर ने पक्ष रखा। अदालत ने स्पष्ट किया कि निलंबन को चुनौती देने के लिए संबंधित सेवा नियमों के तहत सक्षम विभागीय प्राधिकारी के समक्ष अपील की जानी चाहिए। अदालत के रुख के बाद याचिकाकर्ता ने उचित मंच पर जाने की स्वतंत्रता मांगते हुए याचिका वापस लेने का आग्रह किया, जिसे स्वीकार कर लिया गया।

 जांच दल की रिपोर्ट के बाद हुई थी कार्रवाई

यह मामला बिलासपुर जिले में शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण और पदोन्नति प्रक्रिया में सामने आई कथित वित्तीय एवं प्रशासनिक अनियमितताओं से जुड़ा है। जांच के लिए गठित तीन सदस्यीय दल ने अपनी रिपोर्ट जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय को सौंपी थी। रिपोर्ट लोक शिक्षण संचालनालय को भी भेजी गई थी।

इसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी संदीप पाण्डेय ने न्यायालयीन शाखा में पदस्थ सुनील कुमार यादव को निलंबित कर दिया था। यादव ने इसी कार्रवाई को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।

अब विभागीय अपील का रास्ता

याचिका वापस लिए जाने से निलंबन के आरोपों पर हाईकोर्ट का कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है। अब याचिकाकर्ता संबंधित विभागीय प्राधिकारी के समक्ष अपील कर सकता है। मामले में आगे की कार्रवाई विभागीय प्रक्रिया के तहत तय होगी।