CG teacher news/छत्तीसगढ़ के लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) ने प्रशासनिक शिथिलता पर कड़ा रुख अपनाते हुए प्रदेशभर के जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) को कारण बताओ नोटिस (Show Cause Notice) जारी किया है.

महज बलौदाबाजार और बलरामपुर जिले (केवल भवन विहीन) को छोड़कर राज्य के शेष सभी जिलों के डीईओ को नोटिस थमाया गया है.

डीपीआई ने शासकीय कार्यों में लापरवाही बरतने पर सभी जिला शिक्षा अधिकारियों का अक्टूबर 2026 माह का वेतन रोकने की सीधी चेतावनी दी है. संचालनालय के इस सख्त आदेश से शिक्षा विभाग के प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है.

लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा जारी आधिकारिक पत्र के अनुसार 1 सप्ताह में मांगी गई थी जानकारी: डीपीआई ने 7 सितंबर 2026 को पत्र जारी कर सभी जिला शिक्षा अधिकारियों से अपने-अपने जिलों के भवन विहीन (Without Building) और मरम्मत योग्य (Dilapidated/Repairable) शासकीय स्कूलों की विस्तृत रिपोर्ट 1 सप्ताह के भीतर मांगी थी.

समय-सीमा की अनदेखी: निर्धारित समय-सीमा बीत जाने के बाद भी केवल बलौदाबाजार और बलरामपुर जिले को छोड़कर किसी भी जिले के शिक्षा कार्यालय द्वारा यह अत्यंत महत्वपूर्ण जानकारी संचालनालय को नहीं भेजी गई.

गंभीरता की कमी पर नाराजगी: डीपीआई ने पत्र में तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि बच्चों की सुरक्षा और बुनियादी ढांचे से जुड़ी इतनी महत्वपूर्ण जानकारी को समय-सीमा में न भेजना अधिकारियों की शासकीय दायित्वों के प्रति घोर लापरवाही को प्रदर्शित करता है.

छ.ग. सिविल सेवा नियमों के तहत वेतन रोकने का अल्टीमेटम

संचालनालय ने डीईओ से सीधे सवाल किया है “समय पर जानकारी न भेजने के कारण क्यों न आपके विरुद्ध ‘छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966’ के प्रावधानों के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए अक्टूबर माह का वेतन रोके जाने की कार्रवाई प्रस्तावित की जाए?”

डीपीआई ने सभी चूककर्ता जिला शिक्षा अधिकारियों को प्रतिवाद (स्पष्टीकरण) और मांगी गई स्कूल भवनों की जानकारी जमा करने के लिए 3 दिनों की सख्त डेडलाइन तय की है.

संचालनालय ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि तय समय-सीमा के भीतर जवाब और रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की जाती है, या प्रस्तुत जवाब संतोषजनक नहीं पाया जाता है, तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय और अनुशासनात्मक कार्रवाई तत्काल शुरू कर दी जाएगी.