सरगुजा। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के स्वामी आत्मानंद हायर सेकेंडरी स्कूल रघुनाथनगर में मिडिल स्कूल के विद्यार्थियों को आसाराम बापू की किताब ‘संस्कार सरिता’ बांटे जाने के मामले में शिक्षा विभाग ने कार्रवाई की है।

जिला शिक्षा अधिकारी नरेंद्र निरापुरे ने स्कूल के प्रभारी प्राचार्य महेश कुमार प्रजापति को पद से हटाकर संयुक्त जिला कार्यालय बलरामपुर की शिक्षा शाखा में अटैच कर दिया है। वहीं, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जनकपुर के व्याख्याता दुलेश्वर सिंह को रघुनाथनगर स्कूल के प्रभारी प्राचार्य का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।

डीईओ की ओर से जारी आदेश में प्रभारी प्राचार्य को हटाने के पीछे विद्यालय की प्रशासनिक और शैक्षणिक व्यवस्था से जुड़ी शिकायतों का उल्लेख किया गया है। आदेश के अनुसार, विकासखंड शिक्षा अधिकारी वाड्रफनगर से प्राप्त प्रतिवेदन में प्रभारी प्राचार्य पर विद्यालय में अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा के निर्वहन में लापरवाही बरतने, शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों के बीच सामंजस्य स्थापित करने में असफल रहने तथा स्कूल व्यवस्था को लेकर विभिन्न शिकायतें मिलने की बात कही गई थी।

आदेश में यह भी कहा गया है कि मामले की जांच के लिए गठित समिति ने विद्यालय की प्रशासनिक और शैक्षणिक व्यवस्था सुचारु रूप से संचालित करने के लिए वर्तमान प्रभारी प्राचार्य को हटाने की अनुशंसा की थी। इसी अनुशंसा के आधार पर महेश कुमार प्रजापति को प्रभारी प्राचार्य के दायित्व से हटाकर शिक्षा शाखा में अटैच किया गया है।

दरअसल, करीब तीन दिन पहले रघुनाथनगर के स्वामी आत्मानंद स्कूल में माध्यमिक कक्षाओं के विद्यार्थियों को आसाराम बापू की किताब ‘संस्कार सरिता’ वितरित किए जाने का मामला सामने आया था।

बच्चों ने घर पहुंचकर अभिभावकों को बताया कि स्कूल के प्रभारी प्राचार्य ने उन्हें किताबें दी हैं। इसके बाद अभिभावकों ने नाराजगी जताई और सवाल उठाए कि ऐसी किताबें विद्यार्थियों को क्यों बांटी गईं।

अभिभावकों ने आरोप लगाया था कि आसाराम से जुड़े संगठन की ओर से प्रभारी प्राचार्य को किताबें दी गई थीं और उन्होंने इन्हें विद्यार्थियों में वितरित करा दिया। विवाद बढ़ने के बाद प्राचार्य द्वारा अधिकांश किताबें वापस ले लिए जाने की बात भी सामने आई थी। मामले को लेकर अभिभावकों की नाराजगी के बाद जिला शिक्षा अधिकारी नरेंद्र निरापुरे ने वाड्रफनगर के विकासखंड शिक्षा अधिकारी को जांच के निर्देश दिए थे।

जांच रिपोर्ट और विद्यालय की व्यवस्था से संबंधित शिकायतों के आधार पर अब प्रभारी प्राचार्य को पद से हटाने का आदेश जारी किया गया है।