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CG NEWS:ओसीएम बिश्रामपुर में राखड़ डंपिंग में लापरवाही ,लोग हो रहे परेशान

बिश्रामपुर ।संयुक्त कोयला मजदूर संघ (एटक) बिश्रामपुर क्षेत्र के क्षेत्रीय सचिव पंकज कुमार गर्ग ने एसईसीएल एवं प्रशासन के आला अधिकारियों को पत्र लिखते हुए बताया कि ओसीएम विश्रामपुर की बंद पड़ी खदान में राखड डम्प के कार्य में घोर लापरवाही की जा रही है। राखड डम्पींग के बारे में बताते हुए पत्र में लिखा है कि राखड परिवहन में लगे ट्रकों द्वारा फटे तिरपाल का उपयोग कर राखड परिवहन कार्य किया जा रहा है, राखड खाली करने के बाद जब ट्रक रोड पर वापस होती है तो उसके बॉडी एवं डाला में लगे राख से सड़क एवं हवा में भारी मात्रा में राखड़ का उत्सर्जन होता है जिससे सड़क, शहर, कॉलोनी एवं एसईसीएल के कार्य क्षेत्र में प्रदूषण हो रहा है।राखड़ डंपिंग यार्ड में हो रहे कार्य में कोई सावधानी नहीं बरती जा रही है जिससे डंपिंग यार्ड से राख उड़कर कार्यक्षेत्र एवं कॉलोनी में प्रदूषण फैल रहा है।

पंकज कुमार गर्ग ने जानकारी दी है कि
राखड प्रदूषण को रोकने हेतु सड़क में पानी का छिड़काव किया जाना चाहिए! राखड़ खाली होने के बाद वाहन को पूरी तरीके से धोया जाए एवं डंपिंग हुए स्थान को मिट्टी से भरा जाए। जब तक राखड से हो रहे प्रदूषण को रोकने के समुचित उपाय नहीं हो जाते हैं तब तक राखड ट्रांन्सपोर्ट एवं डंपिंग कार्य को रोका जाए। उन्होंने यह भी बताया कि अगर जल्द ठोस कदम नहीं उठाए जाएंगे तो राखड के प्रभाव से बच्चे एवं बुजुर्गो तथा अन्य लोगों को गंभीर बीमारियां से गुजरना पड़ सकता है !

बताते चले कि प्रदेश भर में जब से ओपन ट्रकों में ट्रिपल डकार राखड़ परिवहन की अनुमति दी गई है तब से सड़कों के किनारे राखड़ की धूल उड़ना आम बात हो गई है। इसे राजगीर और वाहन चालकों को बहुत समस्या आ रही है वही सड़कों के किनारे रहने वाले लोग सरकार की इस नीति से परेशान है।

जनप्रतिनीति भी इस बात को लेकर चिंतित है । यही वजह है कि फ्लाई ऐश का परिवहन के तौर तरीके पर सवाल उठते रहे हैं। बीते दिनों डॉ चरण दास महंत ने कोरबा जिले में फ्लाई ऐश परिवहन से हो रहे भयानक प्रदूषण का मुद्दा विधानसभा में उठाया और आरोप लगाया था कि नई सरकार के आने के बाद राख से प्रदूषण की समस्या बढ़ी है। तब वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने गोलमोल जवाब देते हुए जुर्माना वसूल करने की बात कही थी।

Chief Editor

छत्तीसगढ़ के ऐसे पत्रकार, जिन्होने पत्रकारिता के सभी क्षेत्रों में काम किया 1984 में ग्रामीण क्षेत्र से संवाददाता के रूप में काम शुरू किया। 1986 में बिलासपुर के दैनिक लोकस्वर में उपसंपादक बन गए। 1987 से 2000 तक दिल्ली इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप के राष्ट्रीय अखबार जनसत्ता में बिलासपुर संभाग के संवाददाता के रूप में सेवाएं दीं। 1991 में नवभारत बिलासपुर में उपसंपादक बने और 2003 तक सेवाएं दी। इस दौरान राजनैतिक विश्लेषण के साथ ही कई चुनावों में समीक्षा की।1991 में आकाशवाणी बिलासपुर में एनाउँसर-कम्पियर के रूप में सेवाएं दी और 2002 में दूरदर्शन के लिए स्थानीय साहित्यकारों के विशेष इंटरव्यू तैयार किए ।1996 में बीबीसी को भी समाचार के रूप में सहयोग किया। 2003 में सहारा समय रायपुर में सीनियर रिपोर्टर बने। 2005 में दैनिक हरिभूमि बिलासपुर संस्करण के स्थानीय संपादक बने। 2009 से स्वतंत्र पत्रकार के रूप में बिलासपुर के स्थानीय न्यूज चैनल ग्रैण्ड के संपादक की जिम्मेदारी निभाते रहे । छत्तीसगढ़ और स्थानीय खबरों के लिए www.cgwall.com वेब पोर्टल शुरू किया। इस तरह अखबार, रेडियो , टीवी और अब वेबमीडिया में काम करते हुए मीडिया के सभी क्षेत्रों में अपनी अलग पहचान बनाई है।
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