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Chhattisgarh

मुंगेली में शिक्षा का परचम, 90 प्लस अभियान का असर..“प्रेरणा से परिवर्तन” की दिशा में एक बड़ा कदम

मुंगेली।छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा आज दोपहर 2:30 बजे घोषित 10वीं एवं 12वीं बोर्ड परीक्षा परिणाम में मुंगेली जिले ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पूरे प्रदेश में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है।

विशेष रूप से कक्षा 10वीं के परिणाम में लोरमी के छात्र अंशुल शर्मा ने 99 प्रतिशत अंक हासिल कर प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त कर जिले का नाम रोशन किया है। अंशुल एक निजी विद्यालय के छात्र हैं, उनकी इस उपलब्धि ने पूरे जिले में खुशी की लहर दौड़ गई है।

इसी कड़ी में मुंगेली जिला मुख्यालय के विवेकानंद वार्ड की कक्षा 10वी की छात्रा नंदिता देवांगन ने 98.87 प्रतिशत अंक अर्जित कर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया, वहीं चकरभाठा स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की कुमारी हेमा ने 97.87 प्रतिशत अंक प्राप्त कर जिले को गौरवान्वित किया है।

इन सभी विद्यार्थियों की सफलता ने यह साबित कर दिया है कि मुंगेली जिले में शिक्षा का स्तर लगातार बेहतर हो रहा है।

परिणाम घोषित होने के बाद कलेक्टर  कुन्दन कुमार,पुलिस अधीक्षक  भोजराम पटेल,जिला सीईओ ने विद्यार्थियों के घर पहुंचकर उन्हें मिठाई खिलाकर एवं गुलदस्ता भेंट कर बधाई दी।

अधिकारियों ने विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उनके परिश्रम की सराहना की। इस दौरान कलेक्टर ने कहा कि मुंगेली जिले के विद्यार्थियों ने इस वर्ष प्रदेश के टॉप-10 में अपनी जगह बनाकर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने बताया कि कक्षा 12वीं में जिला पिछले वर्ष 27वें स्थान पर था, जबकि इस वर्ष छठवें स्थान पर पहुंच गया है।

इसी प्रकार कक्षा 10वीं में भी जिले ने 30वें स्थान से सुधार करते हुए 12वां स्थान प्राप्त किया है, जो जिले के लिए बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने इस सफलता का श्रेय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा संचालित “90 प्लस शिक्षा गुणवत्ता अभियान” को देते हुए कहा कि इस अभियान के तहत जिले के 74 स्कूलों को चिन्हित कर विशेष रूप से मोटिवेशन और गुणवत्ता सुधार पर कार्य किया गया। इसके साथ ही जनप्रतिनिधियों एवं शिक्षकों के सहयोग से शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के निरंतर प्रयास किए गए।

कलेक्टर ने कहा कि यह सफलता शिक्षकों की मेहनत, विद्यार्थियों की लगन और अभिभावकों के सहयोग का संयुक्त परिणाम है। उन्होंने कहा कि जिले के ये सफल विद्यार्थी आने वाली पीढ़ी के लिए रोल मॉडल बनेंगे और शिक्षा के क्षेत्र में एक नई प्रेरणा देंगे। उन्होंने इसे “प्रेरणा से परिवर्तन” की दिशा में एक बड़ा कदम बताया।

कलेक्टर ने कहा कि आने वाले समय में शिक्षा में तकनीकी नवाचारों को जोड़ते हुए विद्यार्थियों को आधुनिक संसाधनों से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा, ताकि वे डॉक्टर, इंजीनियर और वैज्ञानिक जैसे विभिन्न क्षेत्रों में अपनी पहचान बना सकें।

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