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2000 करोड़ के सिंडिकेट पर ED का शिकंजा: बिलासपुर में सर्राफा कारोबारी के घर रेड, दुर्ग में बिल्डर भी घेरे में

शराब घोटाले के तार जुड़े, सुबह-सुबह एक्शन से मचा हड़कंप..भारत माला जमीन धांधली भी

बिलासपुर …बिलासपुर में गुरुवार तड़के प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ा वार करते हुए शहर के चर्चित सर्राफा कारोबारी विवेक अग्रवाल के घर दबिश दी। मैग्नेटो मॉल के पीछे साईं मंदिर के पास स्थित उनके आवास पर सुबह-सुबह 10 से ज्यादा अधिकारियों की टीम पहुंची और सीधे अंदर घुसकर बंद कमरे में जांच शुरू कर दी। बाहर कड़ी सुरक्षा तैनात रही, जिससे अंदर की हर गतिविधि पूरी तरह गोपनीय रखी गई।

 रडार पर ज्वेलरी शो रूम, दस्तावेजों की पड़ताल

ED की टीम घर के साथ-साथ मध्यनगरी चौक स्थित श्रीराम ज्वेलर्स भी पहुंची। यह फर्म शहर के प्रमुख सर्राफा कारोबार में गिनी जाती है। शुरुआती इनपुट बता रहे हैं कि टीम जमीन, निवेश और बड़े लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों को खंगाल रही है।

भाई सुब्बू’ का नाम फिर उभरा, विदेश कनेक्शन

इस कार्रवाई में एक अहम कड़ी विवेक अग्रवाल का पारिवारिक लिंक भी बन रहा है। उनके बड़े भाई विकास अग्रवाल उर्फ ‘सब्बू’ पहले से शराब घोटाले मामले में दर्ज आरोपी हैं और फिलहाल विदेश—दुबई में छुपे होने की जानकारी सामने आ रही है।

सूत्रों के अनुसार विकास अग्रवाल को 2000 करोड़ के कथित शराब सिंडिकेट का सक्रिय सदस्य माना जाता है और उसका नाम अनवर ढेबर के करीबी नेटवर्क में भी जुड़ चुका है। यही कारण है कि ED अब परिवार से जुड़े वित्तीय लिंक, निवेश और संभावित ट्रांजैक्शन चैन को भी खंगाल रही है।

भारत माला से शराब सिंडिकेट तक कनेक्शन 

कार्रवाई का तत्काल कारण भारत माला प्रोजेक्ट के दौरान जमीन अधिग्रहण में कथित गड़बड़ी बताया जा रहा है, लेकिन जांच का दायरा इससे कहीं बड़ा नजर आ रहा है। जमीन सौदों से लेकर शराब घोटाले तक—कई स्तरों पर कनेक्शन की परतें खोली जा रही हैं।

बंद कमरे में ‘साइलेंट ऑपरेशन’, क्या मिला. सस्पेंस
पूरी कार्रवाई बंद कमरे में चल रही है। दस्तावेज, डिजिटल डिवाइस और अन्य साक्ष्यों की जांच जारी है, लेकिन आधिकारिक पुष्टि अभी तक सामने नहीं आई है। शहर में इस कार्रवाई को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है।

दुर्ग में भी धावा

इसी कड़ी में दुर्ग के महेश कॉलोनी में बिल्डर और ‘राम रसोई’ संचालक चतुर्भुज राठी के घर भी ED ने दबिश दी। टीम यहां भी दस्तावेजों और वित्तीय गतिविधियों की जांच में जुटी हुई है।

बड़ा नेटवर्क निशाने पर

बिलासपुर केंद्रित इस कार्रवाई के साथ दुर्ग में समानांतर दबिश यह संकेत देती है कि ED किसी बड़े नेटवर्क और सिंडिकेट को तोड़ने के मिशन में है।

अब नजर इस पर:

बिलासपुर की इस हाई-प्रोफाइल रेड से क्या खुलासे निकलते हैं—यही आगे की सियासत और कारोबार की दिशा तय करेगा।

Bhaskar Mishra

पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग 16 साल का अनुभव।विभिन्न माध्यमों से पत्रकारिता के क्षेत्र मे काम करने का अवसर मिला।यह प्रयोग अब भी जारी है।कॉलेज लाइफ के दौरान से पत्रकारिता से गहरा जुड़ाव हुआ।इसी दौरान दैनिक समय से जुडने का अवसर मिला।कहानी,कविता में विशेष दिलचस्पी ने पहले तो अधकचरा पत्रकार बनाया बाद में प्रदेश के वरिष्ठ और प्रणम्य लोगों के मार्गदर्शन में संपूर्ण पत्रकारिता की शिक्षा मिली। बिलासपुर में डिग्री लेने के दौरान दैनिक भास्कर से जु़ड़ा।2005-08 मे दैनिक हरिभूमि में उप संपादकीय कार्य किया।टूडे न्यूज,देशबन्धु और नवभारत के लिए रिपोर्टिंग की।2008- 11 के बीच ईटीवी हैदराबाद में संपादकीय कार्य को अंजाम दिया।भाग दौड़ के दौरान अन्य चैनलों से भी जुडने का अवसर मिला।2011-13 मे बिलासपुर के स्थानीय चैनल ग्रैण्ड न्यूज में संपादन का कार्य किया।2013 से 15 तक राष्ट्रीय न्यूज एक्सप्रेस चैनल में बिलासपुर संभाग व्यूरो चीफ के जिम्मेदारियों को निभाया। 1998-2000 के बीच आकाशवाणी में एनाउँसर-कम-कम्पियर का काम किया।वर्तमान में www.cgwall.com वेबपोर्टल में संपादकीय कार्य कर रहा हूं।
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