छत नहीं, भरोसा खड़ा कर रहे हैं”: 40 हजार आवास पूरे कर बिलासपुर ने रचा रिकॉर्ड
ग्रामीण परिवारों की सुरक्षा, सम्मान और स्थायित्व से जुड़ा अभियान

बिलासपुर…ग्रामीण इलाकों में पक्के घर का सपना अब आंकड़ों से आगे बढ़कर जमीन पर दिखने लगा है। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत जिले ने 40 हजार से अधिक आवास पूर्ण कर प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है।
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी संदीप अग्रवाल ने इस उपलब्धि को “सामूहिक संकल्प और सतत मॉनिटरिंग का परिणाम” बताया। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ निर्माण कार्य नहीं, बल्कि ग्रामीण परिवारों की सुरक्षा, सम्मान और स्थायित्व से जुड़ा अभियान है।
वित्तीय वर्ष 2024–26 के लिए जिले में कुल 71,435 आवास स्वीकृत किए गए हैं। इनमें से 40,452 आवास पूर्ण हो चुके हैं। जनपद पंचायत बिल्हा में 11,083, कोटा में 9,102, मस्तूरी में 12,337 और तखतपुर में 7,930 आवास तैयार हुए हैं। वर्तमान में 30,983 आवास निर्माणाधीन हैं, जिन्हें तय समय-सीमा में पूरा कराने के लिए प्रशासन ने सघन निगरानी तंत्र लागू किया है।
हाल ही में सभी ग्राम पंचायतों में विशेष अभियान चलाकर अपूर्ण आवासों की प्रगति की समीक्षा की गई। स्थानीय स्तर पर कार्यरत महिला समूहों और मैदानी अमले ने घर-घर संपर्क कर हितग्राहियों को निर्माण में तेजी लाने के लिए प्रेरित किया। संदीप अग्रवाल के मुताबिक, “जब समुदाय खुद जिम्मेदारी लेता है, तो लक्ष्य सिर्फ सरकारी आंकड़ा नहीं रहता, वह सामाजिक उपलब्धि बन जाता है।”
जिले ने 30 जून 2026 तक सभी लंबित आवास पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। नियमित निरीक्षण, ब्लॉक-वार समीक्षा और समयबद्ध कार्ययोजना के जरिए इसे हासिल करने की तैयारी है।





