Bank strike -बैंक कर्मचारियों के संगठन यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) द्वारा बुलाई गई एक दिवसीय देशव्यापी हड़ताल के कारण शुक्रवार को देशभर के सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में कामकाज पर व्यापक असर देखा गया।

5-दिवसीय कार्य सप्ताह लागू करने और लंबित वेतन संबंधी मांगों के जल्द समाधान की मांग को लेकर बुलाई गई इस हड़ताल के चलते बैंकों की शाखाओं पर काम कराने पहुंचे ग्राहकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

मध्य प्रदेश में इस हड़ताल का बड़ा असर देखने को मिला, जहां करीब 7,000 बैंक शाखाओं में सेवाएं बुरी तरह प्रभावित रहीं। बैंक यूनियन के पदाधिकारियों के अनुसार, हड़ताल के कारण केवल मध्य प्रदेश में ही रोजाना होने वाले लगभग 5,500 करोड़ रुपये के वित्तीय कारोबार पर असर पड़ा है।

हड़ताल के दौरान सरकारी बैंकों में काउंटर सेवाएं जैसे कैश जमा व निकासी, चेक क्लियरेंस और अन्य प्रशासनिक काम प्रभावित रहे। हालांकि, डिजिटल बैंकिंग सेवाएं जैसे यूपीआई (UPI), इंटरनेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग सुचारू रूप से चलती रहीं, जिससे आम लोगों को ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करने में कोई बड़ी परेशानी नहीं हुई।

इस हड़ताल का असर मुख्य रूप से सार्वजनिक क्षेत्र (सरकारी) के बैंकों और कुछ पुराने प्राइवेट बैंकों में देखा गया। दूसरी ओर, नए जमाने के प्राइवेट सेक्टर के बैंकों का कामकाज पूरी तरह सामान्य रहा, जिससे वहां से बैंकिंग करने वाले ग्राहकों को राहत मिली।

बैंक कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में सभी शनिवार को अवकाश घोषित कर 5-दिवसीय वर्किंग वीक लागू करना शामिल है। मार्च 2024 में हुए 12वें द्विपक्षीय समझौते में इस पर सहमति बनी थी, लेकिन सरकार द्वारा अधिसूचना जारी होना अभी बाकी है। वर्तमान में महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को ही बैंक बंद रहते हैं।

इसके अलावा पेंशन अपडेशन, सभी पेंशनभोगियों के लिए एक समान महंगाई भत्ता और एनपीएस (NPS) के कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना (OPS) का विकल्प देने जैसी मांगें भी शामिल हैं।

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) सहित प्रमुख सरकारी बैंकों ने पहले ही अपने ग्राहकों को हड़ताल और उससे होने वाली संभावित असुविधा के प्रति सचेत कर दिया था। बैंकों ने ग्राहकों से डिजिटल माध्यमों और एटीएम (ATM) का इस्तेमाल करने की सलाह दी थी।