रायपुर। छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा ने प्रदेश में राजस्व पटवारियों की लंबित मांगों एवं PV ऐप की व्यवहारिक और तकनीकी समस्याओं के निराकरण के बजाय पटवारियों के विरुद्ध लगातार की जा रही दंडात्मक कार्यवाहियों पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की है।

कमल वर्मा ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में कर्मचारी संगठनों की जायज मांगों पर संवाद एवं सकारात्मक पहल के माध्यम से समाधान किया जाना चाहिए।

PV ऐप की तकनीकी एवं व्यवहारिक समस्याओं का निराकरण तथा वर्षों से लंबित वेतन विसंगति का समाधान पटवारी संवर्ग की न्यायसंगत मांगें हैं। इन समस्याओं का निराकरण करने के बजाय बलौदाबाजार जिले में पटवारी संघ के पदाधिकारियों एवं अन्य पटवारियों के स्थानांतरण, कारण बताओ नोटिस तथा महासमुंद जिले में पटवारियों के निलंबन जैसी कार्यवाहियां किया जाना उचित नहीं है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश के पटवारी पहले से ही डिजिटल क्रॉप सर्वे, एग्रीस्टैक, किसान पंजीयन, जनगणना, लघु सिंचाई संगणना, रेलवे एवं राष्ट्रीय राजमार्ग सर्वेक्षण सहित अनेक महत्वपूर्ण शासकीय दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं। ऐसे में PV ऐप की जमीनी कठिनाइयों को समझे बिना कर्मचारियों के विरुद्ध कार्यवाही करना उनके मनोबल को प्रभावित करने वाला है। विभागीय कार्यवाहियों के कारण प्रदेशभर में भय एवं असंतोष का वातावरण निर्मित हो रहा है।

फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक ने कहा कि छत्तीसगढ़ राजस्व पटवारी संघ द्वारा 13 अक्टूबर 2026 से अपनी लंबित मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन आंदोलन किया जा रहा है। आंदोलन को समाप्त कराने के लिए शासन को दमनात्मक रवैया अपनाने के बजाय संगठन के प्रतिनिधियों से तत्काल चर्चा करनी चाहिए। विभाग द्वारा पटवारियों की समस्याओं के समाधान हेतु मुख्यमंत्री तक प्रभावी ढंग से विषय प्रस्तुत नहीं किया जा रहा है, जो चिंता का विषय है।

कमल वर्मा ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जी से तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग करते हुए कहा कि पटवारी संघ के प्रतिनिधियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक आयोजित कर PV ऐप की तकनीकी एवं व्यवहारिक समस्याओं, वेतन विसंगति तथा पदोन्नति संबंधी लंबित मांगों का समयबद्ध निराकरण किया जाए। साथ ही पटवारियों के विरुद्ध की जा रही दंडात्मक कार्यवाहियों की निष्पक्ष समीक्षा कर उचित निर्णय लिया जाए।

उन्होंने कहा कि सरकार का दायित्व कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान करना है, न कि संवाद के अभाव में उनके बीच भय का वातावरण निर्मित करना।

फेडरेशन अपेक्षा करता है कि मुख्यमंत्री संवेदनशीलता का परिचय देते हुए पटवारी संघ से सार्थक संवाद की पहल करेंगे तथा इस गतिरोध को समाप्त कर प्रदेश में राजस्व संबंधी शासकीय कार्यों को सुचारु रूप से संचालित करने की दिशा में सकारात्मक निर्णय लेंगे।