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Bilaspur

अटल :“संस्कृति को कंक्रीट में कैद न करें, भारत भवन रतनपुर में बनाइए”

संस्कृति को कंक्रीट में कैद न करें, भारत भवन रतनपुर में बनाइए

बिलासपुर…भोपाल की तर्ज पर छत्तीसगढ़ में प्रस्तावित भारत भवन और मानव संग्रहालय के निर्माण को लेकर वरिष्ठ समाजसेवी अटल श्रीवास्तव ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखते हुए स्पष्ट आग्रह किया है कि भारत भवन का निर्माण ऐतिहासिक नगरी रतनपुर में किया जाए। उन्होंने कहा है कि राज्य के संतुलित और समावेशी विकास के लिए केवल राजधानी या एक-दो शहरों तक सीमित योजनाएं पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि सांस्कृतिक दृष्टि से समृद्ध क्षेत्रों को भी समान महत्व मिलना चाहिए।अटल श्रीवास्तव ने पत्र में उल्लेख किया है कि नवा रायपुर में भारत भवन और मानव संग्रहालय के निर्माण का डीपीआर कार्य पूर्ण हो चुका है, लेकिन यदि उद्देश्य छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति, परंपरा और इतिहास को सहेजना है, तो उसके लिए रतनपुर से अधिक उपयुक्त स्थान कोई नहीं हो सकता।उन्होंने कहा कि बिलासपुर जिला संस्कारधानी के नाम से जाना जाता है और इसी जिले में स्थित रतनपुर आदिशक्ति मां महामाया की शक्तिपीठ नगरी है। रतनपुर हैहय वंश के कलचुरी शासकों की राजधानी रही है, जो लंबे समय तक छत्तीसगढ़ का राजनीतिक, सांस्कृतिक और धार्मिक केंद्र रहा। यहां की लोककथाएं, लोकपरंपराएं, आदिवासी संस्कृति, ऐतिहासिक किले, मंदिर, तालाब, पहाड़ और प्राकृतिक सौंदर्य आज भी इसके गौरवशाली अतीत की साक्षी हैं।

अटल श्रीवास्तव ने कहा कि राजनीतिक, सांस्कृतिक, धार्मिक, पौराणिक और भौगोलिक दृष्टि से रतनपुर भारत भवन के निर्माण के लिए सर्वाधिक उपयुक्त स्थान है। भोपाल की तर्ज पर यदि भारत भवन रतनपुर में स्थापित होता है, तो इससे छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति, आदिवासी कला, शिल्प और इतिहास को संरक्षित व प्रोत्साहित करने का वास्तविक उद्देश्य पूरा होगा। साथ ही, पर्यटन को व्यापक बढ़ावा मिलेगा और रतनपुर सहित पूरे बिलासपुर जिले को नई पहचान प्राप्त होगी।

प्रवक्ता अभय नारायण राय ने कहा कि यह मांग किसी क्षेत्र विशेष का पक्ष लेने के लिए नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक आत्मा को उसके मूल केंद्र में सम्मान देने के लिए है। उन्होंने उम्मीद जताई कि राज्य सरकार इस प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार करेगी और भारत भवन के लिए रतनपुर जैसे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक केंद्र को प्राथमिकता देगी।

Bhaskar Mishra

पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग 16 साल का अनुभव।विभिन्न माध्यमों से पत्रकारिता के क्षेत्र मे काम करने का अवसर मिला।यह प्रयोग अब भी जारी है।कॉलेज लाइफ के दौरान से पत्रकारिता से गहरा जुड़ाव हुआ।इसी दौरान दैनिक समय से जुडने का अवसर मिला।कहानी,कविता में विशेष दिलचस्पी ने पहले तो अधकचरा पत्रकार बनाया बाद में प्रदेश के वरिष्ठ और प्रणम्य लोगों के मार्गदर्शन में संपूर्ण पत्रकारिता की शिक्षा मिली। बिलासपुर में डिग्री लेने के दौरान दैनिक भास्कर से जु़ड़ा।2005-08 मे दैनिक हरिभूमि में उप संपादकीय कार्य किया।टूडे न्यूज,देशबन्धु और नवभारत के लिए रिपोर्टिंग की।2008- 11 के बीच ईटीवी हैदराबाद में संपादकीय कार्य को अंजाम दिया।भाग दौड़ के दौरान अन्य चैनलों से भी जुडने का अवसर मिला।2011-13 मे बिलासपुर के स्थानीय चैनल ग्रैण्ड न्यूज में संपादन का कार्य किया।2013 से 15 तक राष्ट्रीय न्यूज एक्सप्रेस चैनल में बिलासपुर संभाग व्यूरो चीफ के जिम्मेदारियों को निभाया। 1998-2000 के बीच आकाशवाणी में एनाउँसर-कम-कम्पियर का काम किया।वर्तमान में www.cgwall.com वेबपोर्टल में संपादकीय कार्य कर रहा हूं।
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