APAAR ID: केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने देशभर के स्टूडेंट्स के लिए वन नेशन-वन स्टूडेंट आईडी याेजन को शुरू किया है, जिसके तहत देशभर के एजुकेशन बोर्ड्स स्टूडेंट्स कीऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री (APAAR) ID बनवा रहे हैं. कई एजुकेशन बोर्ड्स APAAR ID को 10वीं और 12वीं बोर्ड एग्जाम के लिए अनिवार्य करने की घोषणा भी कर चुके हैं, लेकिन अब APAAR ID का दायरा बढ़ने जा रहा है. APAAR ID अब पढ़ाई ही नहीं, नौकरी के समय भी काम आएगी.

आइए, विस्तार से पूरा मामला जानते हैं. जानते हैं कि कैसे स्टूडेंट्स की नौकरी के समय APAAR ID उनके काम आएगी. इसको लेकर क्या नई तैयारियां हैं.

APAAR ID के प्रयोग का विस्तार करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने एक अहम फैसला लिया है. केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने बीते रोज APAAR पोर्टल पर निजता नीति अपडेट की है. इस बदलाव के बाद APAAR अपलोड पर अपलोड स्टूडेंट्स की एकेडमिक डिटेल्स स्कूल के साथ ही नियोक्ता जैसे अधिकृत थर्ड पार्टी भी देख सकेंगी. मसलन, नियुक्ता नौकरी के समय स्टूडेंट्स की डिग्री, मार्कशीट की जांच कर सकेंगे. हालांकि स्टूडेंट्स से मंजूरी मिलने के बाद ही नियोक्ता उनका डेटा एक्सेस कर सकेंगे.

APAAR ID क्या है?—–APAAR ID शिक्षा मंत्रालय के वन नेशन वन स्टूडेंट आईडी योजना का हिस्सा है. इस योजना के तहत देश के प्रत्येक छात्र को 12 नंबर की एक यूनिक डिजिटल आइडेंटिटी दी जानी है. इस आईडी के साथ छात्राें के सभी एकेडमिक डेटा, स्कूल रिकॉर्ड, मार्कशीट, सर्टिफिकेट समेत अन्य एकेडमिक डाक्यूमेंट्स सुरक्षित रखे जाएंगे. यानी एक क्लिक पर भविष्य में छात्र APPAR ID से अपने डाक्यूमेंट्स प्राप्त कर सकेंगे.

दूसरे शब्दों में समझें तो इस आईडी के जरिए भारत सरकार किसी भी छात्र की पहली कक्षा से लेकर हायर एजुकेशन तक के रिकाॅर्ड को सुरक्षित रखेगी. मौजूदा वक्त में कई राज्यों में सभी कक्षाओं के छात्रों की APPAR ID बनाई गई है. इससे बच्चों के स्कूल ड्रॉप आउट पर नजर रखी जा रही है.

मिली जानकारी अनुसार APAAR ID बनाने की मुख्य तौर पर जिम्मेदारी स्कूल प्रशासन की है. इसको लेकर सीबीएसई की तरफ से स्कूलों को निर्देशित किया गया है. स्कूलों से कहा गया है, वे UDISE+ पोर्टल पर जाकर 9वीं से 11वीं कक्षा के छात्रों के रजिस्ट्रेशन करने से पहले APAAR ID बनाएं. इस आईडी के लिए छात्रों को अपना आधार कार्ड की फोटोप्रति जमा करानी होगी. वहीं माना जा रहा है कि आने वाले समय में सभी कक्षाओं के बच्चों के लिए APAAR ID अनिवार्य हो जाएगी.

मिली जानकारी अनुसार APAAR ID को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बीते दिनों एक अहम फैसला सुनाया था. सुप्रीम कोर्ट ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए आदेश दिया था कि APAAR ID बनाना स्वैच्छिक होगी ना की अनिवार्य. असल में ओडिशा हाईकोर्ट ने अपने एक फैसले में APAAR ID को स्वैच्छिक किया हुआ है.

सुप्रीम कोर्ट ने इस आदेश कोलागू करने का आदेश दिया था, जिसके तहत अब पूरे देशभर के स्टूडेंट्स के लिए APAAR ID बनाना स्वैच्छिक होगा. इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने APAAR ID नियम से जुड़ी डेटा सुरक्षा चिंताओं की जांच करने का भी निर्देश दिया था. सुप्रीम कोर्ट ने निर्देशित किया था कि APAAR ID बनाते समय सहमति फ़ॉर्म में ऑप्ट-आउट या इनकार करने का स्पष्ट विकल्प होना चाहिए.