रायपुर। छत्तीसगढ़ में 16 जून से नए शैक्षणिक सत्र का आगाज होने जा रहा है, जिसे लेकर स्कूल शिक्षा विभाग ने अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं। मंत्रालय महानदी भवन नवा रायपुर में आयोजित एक महत्वपूर्ण वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव ने प्रदेशभर के संयुक्त संचालकों (JD) और जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) को कड़े निर्देश जारी किए हैं।

सचिव ने दोटूक शब्दों में स्पष्ट किया है कि जिन शिक्षकों ने युक्तियुक्तकरण (Rationalization) के बाद भी अब तक अपनी नई पोस्टिंग पर ज्वाइनिंग नहीं दी है, उनके खिलाफ तत्काल अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की जाए और इसकी जानकारी लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) को भेजी जाए। इस बार विभाग अनुशासन और तकनीक को लेकर बेहद सख्त नजर आ रहा है, क्योंकि अब शिक्षकों और कर्मचारियों की सैलरी सीधे उनकी ऑनलाइन उपस्थिति से जोड़ दी गई है।

शिक्षा सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि स्कूल खुलने के पहले दिन से ही सभी शिक्षकों को ‘विद्या समीक्षा केंद्र (VSK) ऐप’ के जरिए अपनी ऑनलाइन अटेंडेंस दर्ज करानी होगी। अधिकारियों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि बायोमेट्रिक या ऑनलाइन माध्यम से हाजिरी नहीं लगी, तो संबंधित शिक्षक का वेतन रोक दिया जाएगा।

इसके साथ ही, ई-एचआरएमएस (e-HRMS) पोर्टल पर सभी कर्मचारियों का डेटा अपडेट करने और केवल ऑनलाइन माध्यम से ही अवकाश आवेदन स्वीकार करने के निर्देश दिए गए हैं। हस्तलिखित आवेदनों को अब अमान्य करार दिया जाएगा। प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता लाने के लिए पदोन्नति और समयमान वेतनमान की प्रक्रिया को भी 15 अगस्त तक हर हाल में पूरा करने की समय-सीमा तय की गई है।

16 जून को आयोजित होने वाले ‘शाला प्रवेश उत्सव’ को लेकर सचिव ने कहा कि इस दिन स्कूलों और आसपास के परिसरों में पूरी साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए। सबसे महत्वपूर्ण निर्देश स्कूल भवनों की सुरक्षा को लेकर दिया गया है। सचिव ने चेतावनी दी है कि किसी भी स्थिति में जर्जर या क्षतिग्रस्त भवनों में बच्चों को नहीं बिठाया जाएगा।

यदि कहीं भी जीर्ण-शीर्ण भवन में कक्षाएं संचालित होती पाई गईं, तो संबंधित डीईओ, बीईओ और प्राचार्य के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, छात्रों को पहले ही दिन गणवेश, पाठ्यपुस्तकें और साइकिलों का वितरण जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में समारोहपूर्वक किया जाएगा। यदि किताबों की कमी हो, तो पूर्व छात्रों से पुस्तकें एकत्रित कर वितरित करने के विकल्प पर भी काम करने को कहा गया है।

बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए सचिव ने निर्देश दिया है कि ‘प्रधानमंत्री पोषण शक्ति योजना’ (मध्यान्ह भोजन) के तहत पहले ही दिन से बच्चों को गर्म और गुणवत्तापूर्ण भोजन मिलना चाहिए। इसके लिए कलेक्टरों के माध्यम से डीएमएफ और सीएसआर मद से एलपीजी कनेक्शन और किचन डिवाइस की व्यवस्था की जाएगी।

वहीं, शिक्षा की मुख्य धारा से कटे ‘ड्रॉपआउट’ बच्चों, विशेषकर छात्राओं को वापस स्कूल लाने के लिए 30 जून तक विशेष अभियान चलाया जाएगा। प्राचार्यों को जिम्मेदारी दी गई है कि वे ऐसे बच्चों के अभिभावकों से संपर्क कर उनका नामांकन सुनिश्चित कराएं। छात्रवृत्ति के लिए आधार लिंकिंग और केवाईसी (KYC) का काम भी 15 जून तक पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि छात्रों के बैंक खातों में राशि समय पर पहुंच सके।