Private Schools Book- प्राइवेट स्कूलों की नहीं चलेगी मनमानी, किताब-यूनिफॉर्म के नाम पर दबाव डाला तो रद्द होगी मान्यता, शिक्षा विभाग सख्त
राजस्थान में प्राइवेट स्कूलों की मनमानी पर शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। किताब, यूनिफॉर्म, जूते-टाई आदि खरीदने का दबाव बनाने वाले स्कूलों की जांच के आदेश दिए हैं। प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) को 15 अप्रैल से पहले स्कूलों की चेकिंग करने के लिए कहा है।

Private Schools Book/बीकानेर/राजस्थान में नए शैक्षणिक सत्र के आगाज के साथ ही प्राइवेट स्कूलों की मनमानी पर लगाम कसने के लिए शिक्षा विभाग ने कमर कस ली है।
अक्सर देखा जाता है कि निजी स्कूल संचालकों द्वारा अभिभावकों पर खास दुकानों से ही महंगी किताबें, यूनिफॉर्म, जूते और टाई खरीदने का अनुचित दबाव बनाया जाता है। इस गंभीर समस्या को देखते हुए शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अख्तियार किया है और प्रदेशभर के जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) को 15 अप्रैल से पहले सभी निजी स्कूलों की सघन जांच करने के कड़े निर्देश जारी किए हैं।
प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा निदेशक की ओर से जारी आदेशों के अनुसार, 1 अप्रैल 2026 से शुरू हुए नए सत्र में किसी भी स्तर पर नियमों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि जो स्कूल पेरेंट्स पर अनावश्यक वित्तीय बोझ डालेंगे या अपनी मर्जी थोपेंगे, उनके खिलाफ नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए एक विशेष परफॉर्मा भी तैयार किया गया है, जिसमें स्कूलों के खिलाफ मिलने वाली शिकायतों का पूरा हिसाब-किताब निदेशालय को देना होगा।
इस मुहिम को धरातल पर उतारने के लिए मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (CBEO) की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय विशेष कमेटियों का गठन किया जाएगा। ये कमेटियां 15 अप्रैल से पहले अपने-अपने क्षेत्रों के गैर-सरकारी स्कूलों का औचक निरीक्षण करेंगी। जांच के दौरान यदि किसी भी स्कूल में किताबों या यूनिफॉर्म के नाम पर सिंडिकेट चलाने या कमीशनखोरी के साक्ष्य मिलते हैं, तो न केवल उन पर जुर्माना लगाया जाएगा, बल्कि गंभीर मामलों में स्कूल की मान्यता तक रद्द करने की सिफारिश की जा सकती है।
निरीक्षण की इस प्रक्रिया के बाद सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को 20 अप्रैल 2026 तक अपनी विस्तृत रिपोर्ट ईमेल के माध्यम से निदेशालय को भेजनी होगी।
इस रिपोर्ट में स्कूलों की कमियों और उनके खिलाफ की गई कार्रवाई का पूरा ब्यौरा शामिल होगा। शिक्षा विभाग के इस फैसले से उन हजारों अभिभावकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, जो हर साल शैक्षणिक सत्र की शुरुआत में स्कूलों की ऐसी अनुचित मांगों से परेशान रहते हैं।Private Schools Book
बीकानेर के जिला शिक्षा अधिकारी किशन दान चारण ने विभाग के इस कदम की पुष्टि करते हुए कहा कि माध्यमिक शिक्षा निदेशक के निर्देशों का जिले में कड़ाई से पालन किया जा रहा है। उन्होंने साफ लहजे में चेतावनी दी है कि यदि कोई निजी स्कूल संचालक या शिक्षक बच्चों अथवा उनके परिजनों पर किसी भी प्रकार का दबाव बनाते पाया गया, तो विभाग उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगा।Private Schools Book





