8th Pay Commission : राज्यकर्मियों को आठवें वेतनमान देने की तैयारी शुरू हो गयी है। हालांकि केंद्र सरकार ने अभी 8वें वेतनमान को लेकर कोई ऐलान नहीं किया है, लेकिन राज्यों में आयोग के गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है।

इसकी शुरुआत असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने की है। असम देश का पहला राज्य बन गया है जिसने केंद्र सरकार से पहले ही अपने कर्मचारियों के लिए 8वें वेतन आयोग के गठन की घोषणा कर दी है।

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मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के इस फैसले से करीब 7 लाख कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को बड़ी राहत की उम्मीद जगी है, हालांकि वास्तविक वेतन वृद्धि के लिए अभी लंबी प्रक्रिया बाकी है।

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने 1 जनवरी 2026 को इस महत्वपूर्ण फैसले की औपचारिक घोषणा की। इसके साथ ही पूर्व अतिरिक्त मुख्य सचिव सुभास दास को 8वें वेतन आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। यह वेतन आयोग राज्य के लगभग 7 लाख कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतन, भत्तों और सेवा शर्तों की व्यापक समीक्षा करेगा।

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8th Pay Commission।राज्य सरकार के इस कदम को कर्मचारियों के प्रति सकारात्मक और दूरदर्शी नीति के रूप में देखा जा रहा है। इससे यह संकेत मिलता है कि असम सरकार अपने मानव संसाधन को प्राथमिकता देते हुए समय रहते आर्थिक सुधारों की दिशा में आगे बढ़ रही है।

हालांकि, इस घोषणा के बाद कर्मचारियों के मन में यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या उन्हें केंद्रीय कर्मचारियों से पहले वेतन वृद्धि का लाभ मिल पाएगा।

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विशेषज्ञों के अनुसार, वेतन आयोग का गठन होना और वेतन वृद्धि का लागू होना—ये दोनों अलग-अलग चरण हैं। आमतौर पर वेतन आयोग अपनी सिफारिशें देने में 12 से 18 महीने का समय लेता है। इसके बाद राज्य सरकार को अपनी वित्तीय स्थिति और संसाधनों का आकलन कर कैबिनेट से मंजूरी लेनी होती है।

इसका अर्थ यह है कि भले ही असम ने प्रक्रिया की शुरुआत सबसे पहले कर दी हो, लेकिन वास्तविक वेतन वृद्धि तुरंत लागू होना संभव नहीं है। माना जा रहा है कि आयोग की सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से प्रभावी मानी जाएंगी, लेकिन भुगतान और संशोधित वेतनमान लागू होने में करीब डेढ़ साल तक का समय लग सकता है। यदि इसमें देरी होती है, तो कर्मचारियों को एरियर के रूप में पिछली अवधि का भुगतान किया जा सकता है।

दूसरी ओर, केंद्र सरकार ने भी 8वें वेतन आयोग की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जानकारों का मानना है कि केंद्रीय कर्मचारियों के लिए भी नए वेतनमान की प्रभावी तिथि 1 जनवरी 2026 ही रखी जाएगी। ऐसे में असम और केंद्र दोनों के कर्मचारियों को लगभग समान समय-सीमा में लाभ मिलने की संभावना है, हालांकि अंतिम फैसला वित्तीय मंजूरी पर निर्भर करेगा।

कर्मचारियों को मिलने वाले संभावित लाभों की बात करें तो विशेषज्ञों का अनुमान है कि 8वें वेतन आयोग के लागू होने के बाद बेसिक सैलरी में 30 से 34 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हो सकती है। वर्तमान में फिटमेंट फैक्टर 2.57 है, जिसे बढ़ाकर 2.86 या इससे अधिक किए जाने की चर्चा है।

यदि ऐसा होता है, तो न्यूनतम वेतन जो अभी 18,000 रुपये है, वह बढ़कर 35,000 से 50,000 रुपये तक पहुंच सकता है। इससे न केवल कर्मचारियों की क्रय शक्ति बढ़ेगी, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी

असम सरकार ने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के हित में एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया है। देश में पहली बार किसी राज्य ने केंद्र सरकार से पहले ही 8वें वेतन आयोग के गठन की घोषणा कर दी है।