बिलासपुर…नदी से रेत के अवैध उत्खनन और परिवहन के मामले में अब केवल जब्ती और जुर्माने तक कार्रवाई सीमित नहीं रही। नगोई घाट से रेत के अवैध परिवहन के एक मामले में न्यायालय ने जेसीबी ऑपरेटर अनिल कुमार गौलिया को तीन वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही कुल 26 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। खनिजों के अवैध कारोबार के खिलाफ चलाए गए विशेष अभियान के दौरान दर्ज प्रकरण में आया यह फैसला अवैध खनन से जुड़े मामलों में महत्वपूर्ण है।

अरपा नदी के नगोई घाट का मामला

खनिज विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, 15 जून 2025 से जिले में अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण पर रोक लगाने विशेष अभियान शुरू किया गया था। खनिज, राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त कार्रवाई में 66 प्रकरणों में जिले के अलग-अलग थानों में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी।

इसी अभियान के तहत 17 जून 2025 को अरपा नदी के नगोई घाट पर जेसीबी वाहन सीजी 11 एबी 3246 से रेत का अवैध परिवहन करते पाए जाने पर कार्रवाई की गई थी। वाहन को पुलिस चौकी बेलगहना की अभिरक्षा में रखा गया। मामले में करगीरोड कोटा डाकबंगला निवासी अनिल कुमार गौलिया, पिता तिलक राम गौलिया, के विरुद्ध प्रकरण दर्ज किया गया था।

दो कानूनों के तहत सजा और अर्थदंड

विशेष न्यायाधीश, खान और खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम, बिलासपुर ने आरोपी को भारतीय न्याय संहिता की धारा 303(2), सहपठित धारा 3(5) के तहत तीन वर्ष के कठोर कारावास और एक हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। वहीं, खान और खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम, 1957 की धाराओं 4(1), 4(1क) और 21 के तहत 25 हजार रुपये का अतिरिक्त अर्थदंड लगाया गया।

66 मामलों में प्राथमिकी, फैसले पर नजर

जिले में अवैध खनिज उत्खनन और परिवहन के खिलाफ विशेष अभियान के दौरान 66 प्रकरणों में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। ऐसे में इस मामले में आया न्यायालय का फैसला अभियान के तहत दर्ज अन्य प्रकरणों के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण है। हालांकि, शेष मामलों की वर्तमान स्थिति और उनमें हुई न्यायिक कार्रवाई का विवरण उपलब्ध नहीं है।

खनिज विभाग का कहना है कि अवैध उत्खनन और परिवहन में शामिल लोगों को हतोत्साहित करने तथा खनिज संपदा के संरक्षण के लिए कार्रवाई जारी रहेगी।